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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तान को गृहमंत्री का स्पष्ट संदेश, कश्मीर पर नहीं अब PoK पर होगी बात

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Thu, 11 Aug 2016 10:38 AM (IST)

ये पाक है कि मानता नहीं बयान के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर पाकिस्तान को चेताया। उन्होंने कहा कि अब हम कश्मीर की जगह पीओके पर बात करेंगे।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की मौजूदा अशांति को पाकिस्तान की करतूत बताते हुए केन्द्र सरकार ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से अब कश्मीर पर कोई बात नहीं होगी। अगर बात होगी तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मसले पर होगी।

राज्यसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र से लेकर जो चाहें जतन कर लें। दुनिया की कोई ताकत कश्मीर को भारत से अलग नहीं कर सकता। कश्मीर पर सभी राजनीतिक दलों की एक सुर में जाहिर की गई चिंता को देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 12 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाने का भी ऐलान किया है। राज्यसभा ने भी एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर कश्मीर की हिंसा में हुई मौतों पर चिंता जाहिर करते हुए वहां की जनता खासकर युवाओं से शांति की अपील की है।

गृहमंत्री ने भी घाटी के युवाओं से ऐसी अपील करते हुए यह भी साफ कहा है कि भारत की धरती पर पाकिस्तान का नारा और आईएसआईएस का झंड़ा लहराना बर्दास्त नहीं किया जाएगा। वहीं घाटी में हालात सामान्य बनाने के लिए नरमपंथियों समेत सभी सियासी पार्टियों से वार्ता के लिए दरवाजे खुले होने की बात कहते हुए गृहमंत्री ने कश्मीर को सेना के हवाले करने की चर्चाओं को खारिज कर दिया है।

गृहमंत्री ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर की मौजूदा अशांति पर हुई करीब नो घंटे की मैराथन ऐतिहासिक चर्चा का जवाब देते हुए पाकिस्तान को यह सख्त संदेश दिया। राज्यसभा में कश्मीर मसले पर हुई चर्चा के दौरान राजनीतिक दलों के दलीय सीमाओं से परे एकजुटता के असाधारण सुर की ताकत पर सवार गृहमंत्री ने कहा कि नवाज शरीफ चाहें संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिखें या सपना देखें जम्मू-कश्मीर को दुनिया की कोई ताकत भारत से अलग नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि कश्मीर में हिंसा और अशांति के पीछे सीधे-सीधे पाक का हाथ है। इसलिए कश्मीर पर किसी तरह की वार्ता होगी तो हम अपने लोगों, नरमपंथियों और सियासी दलों से होगी। पाक से बात होगी तो वह उसके कब्जे वाले कश्मीर के मसले पर होगी।

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कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की अधिकांश दलों की मांग के मद्देनजर गृहमंत्री ने कहा कि संसद सत्र के आखिरी दिन 12 अगस्त को दोपहर 12 बजे सर्वदलीय बैठक होगी जिसमें प्रधानमंत्री खुद मौजूद रहेंगे। प्रदेश के हालात का जायजा लेने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की मांग पर गृहमंत्री ने कहा कि सरकार को इसमें कोई एतराज नहीं है और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से इसके लिए बुनियादी तैयारियां करने को वे कहेंगे। घाटी में संवाद को लेकर उन्होंने कहा कि हम सबसे बात करने को तैयार हैं चाहे नरमपंथी हों या सियासी दल। हुर्रियत से वार्ता को लेकर गृहमंत्री ने कोई स्पष्ट बात नहीं कही मगर इसकी संभावना को खारिज भी नहीं किया।

घाटी में पेलेट गन के इस्तेमाल को रोकने की मांग पर गृहमंत्री ने कहा कि कम खतरनाक प्रतिरोधी हथियार के लिए सरकार ने कमिटी बना दी है जो दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। वहीं सुरक्षा बलों से बेहद संयम बरतने और पेलेट गन का कम से कम इस्तेमाल करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों और खासकर वहां के युवाओं को भी यह समझना होगा कि भारत का दिल जितना बिहार-बंगाल या गुजरात-असम के लिए धड़कता है उतना ही कश्मीर के लिए भी। इसलिए कश्मीरी युवाओं से उनकी अपील है कि आईएस के झंडे न लहराएं क्योंकि यह तो इस्लाम में यकीन रखने वालों का ही कत्ल करते हैं।

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