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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रामदास को निकाले जाने का विरोध करना राकेश को पड़ा भारी

By Kamal VermaEdited By:
Published: Fri, 03 Apr 2015 12:01 AM (IST)Updated: Fri, 03 Apr 2015 01:03 AM (IST)

आम आदमी पार्टी (आप) ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राकेश सिन्हा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। सिन्हा ने ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राकेश सिन्हा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। सिन्हा ने पार्टी के आंतरिक लोकपाल एडमिरल रामदास और अनुशासन समिति के अध्यक्ष पद से प्रशांत भूषण को हटाए जाने के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विचार-विमर्श किए बगैर ही दोनों नेताओं को उनके पदों से हटा दिया।

उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले सिन्हा ने प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए थे। 30 मार्च को उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता को एक पत्र भेजकर उनसे जानना चाहा था कि आखिर दोनों नेताओं को बाहर किए जाने से पहले नियमानुसार इस मामले को पार्टी के आंतरिक लोकपाल को क्यों नहीं सौंपा गया। उन्होंने लोकपाल पद से एडमिरल रामदास को हटाए जाने की भी तीखी आलोचना की थी।

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आम आदमी पार्टी पर फैसला 14 अप्रैल को

वाराणसी। आम आदमी पार्टी टूटने कीकगार पर पहुंच गई है। 14 अप्रैल को इसका फैसला भी हो जाएगा क्योंकि दिल्ली के रामलीला मैदान में पार्टी के फाउंडर मेंबर समेत वालेंटियर्स जुटेंगे। इस अहम बैठक में आप के भविष्य को लेकर मंथन होगा। इसमें नई पार्टी के एलान के भी आसार हैं।

ये बातें आम आदमी पार्टी के बिहार राज्य सह प्रभारी डा. उमेश सिंह ने गुरुवार को पराड़कर भवन में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के गठन में संस्थापक सदस्यों का बड़ा योगदान है। इसमें प्रशांत भूषण व योगेंद्र यादव जैसे दिग्गज शामिल हैं। उनका कहना था कि पार्टी संविधान के सापेक्ष वर्तमान गतिविधियां विपरीत हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री सत्ता के उन्माद में हैं। उनके आसपास चाटुकारों की भीड़ जमा है जो उन्हें गलत फैसले के लिए उकसा रही है।

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पार्टी में बाहर के लोगों का आना जारी है। इसकी वजह से पार्टी में अव्यवस्था फैल रही है। कई वरिष्ठ सदस्य पार्टी के मूल सिद्धांतों से भटक रहे हैं। ऐसे में पार्टी के सामने संकट उत्पन्न हो गया है। इसके समाधान के लिए 14 अप्रैल को दिल्ली में पार्टी के संस्थापक सदस्यों, वालेंटियर्स का समागम होगा। इसमें प्रशांत भूषण, योगेन्द्र यादव, प्रो. आनंद कुमार, मेधा पाटकर समेत कई वरिष्ठ सदस्य शामिल होंगे। सभी मिलकर पार्टी की दिशा और दशा तय करेंगे।

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