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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पद छोड़ने से पूर्व अपने काम को निपटाने में जुटे अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Sat, 07 Jan 2017 11:22 AM (IST)

पद से हटाए जाने की आशंका के मद्देनजर भारत में मौजूद अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा अपना काम खत्‍म करने में जुटे हैं। ट्रंप की टीम से सभी राजदूतों को 20 जनवरी तक अपना पद छोड़ने के निर्देश मिले हैं।

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नई दिल्ली (आईएएनएस)। अमेरिका में हुए सत्ता परिवर्तन के मद्देनजर भारत में मौजूद भारतीय मूल के अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा अपना काम निपटाने में जुटे हैं। उनके इस पद पर बने रहने के अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इसकी वजह यह भी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे डॉनल्ड ट्रंप की टीम ने ओबामा की ओर से राजनीतिक आधार पर नियुक्त सभी राजदूतों से 20 जनवरी तक पद छोड़ने के लिए कहा है। लिहाजा रिचर्ड वर्मा भी अपने बचे हुए काम को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। वर्मा की दिल्ली में अच्छी साख मानी जाती है।

अमेरिकी मीडिया ने राजनयिकों के हवाले से ट्रंप टीम के फैसले की खबर दी है। इस कदम से अमेरिका में दशकों पुरानी वह परंपरा टूटने जा रही है जिसके तहत डेमोक्रेट और रिपब्लिक कुछ राजनयिकों को जरूरत के आधार पर कुछ समय के लिए पद पर बने रहने की इजाजत देते थे। इस बार सभी को तय समय के अंदर पद छोड़ने के लिए कहा गया है। हालांकि इस फैसले से उन राजदूतों को परेशानी हो सकती है जिनके बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा की नियुक्ति ओबामा प्रशासन ने राजनीतिक आधार पर की थी।

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