यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सड़क दुर्घटना में पीड़ित परिवार को 33 लाख का मुआवजा देने का आदेश
दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने सड़क दुर्घटना से जुड़़े मामले में कोर्ट ने पीड़ित के परिवार को 33 लाख की मुआवजा राशि देने का फैसला सुनाया है। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्राइब्यूनल [एमएसीटी] ने 2011 एक एक मामले में ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी को यह आदेश दिया है कि वह पीडि़त

नई दिल्ली। दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने सड़क दुर्घटना से जुड़़े मामले में कोर्ट ने पीड़ित के परिवार को 33 लाख की मुआवजा राशि देने का फैसला सुनाया है। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्राइब्यूनल [एमएसीटी] ने 2011 एक एक मामले में ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी को यह आदेश दिया है कि वह पीडि़त के परिवार को 33,87,300 की मुआवजा राशि अदा करे। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2011 के इस मामले में ड्राइवर की गलत ड्राइविंग की वजह से एक स्कूल टीचर की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
इस मामले में दायर शिकायत के मुताबिक आठ दिसंबर 2011 को अशोक नाम का व्यक्ित हरियाणा के अपने गांव कुल्ताजपुर से मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहा था। इस दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसको जबरदस्त टक्कर मारी। इस वजह से वह सड़क के दूसरी ओर जा गिरा। इस जबरदस्त टक्कर से उसको कई जगहों पर अंदरुनी चोट लगी। पुलिस की मदद से उसको नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
इस मामले में गाड़ी मालिक ने किसी तरह के बयान दर्ज नहीं कराए थे। दूसरी ओर इंश्योरेंस कंपनी इस मामले को झूठा बताकर पल्ला झाड़ रही थी। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने इस मामले में एक्स पार्टी आदेश जारी करते हुए इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा राशि देने का आदेश पारित कर दिया।

