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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वाड्रा ने एक लाख से बनाए 325 करोड़: वॉल स्ट्रीट जर्नल

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Updated: Sat, 19 Apr 2014 10:57 AM (IST)

सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा फिर से चर्चा में हैं। इस बार उन्हें चर्चा में लाने का काम अमेरिकी अखबार वॅाल स्ट्रीट जर्नल ने किया है। उसके संवादद ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण न्यूज नेटवर्क]। सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा फिर से चर्चा में हैं। इस बार उन्हें चर्चा में लाने का काम अमेरिकी अखबार वॅाल स्ट्रीट जर्नल ने किया है। उसके संवाददाताओं ने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में खोजबीन कर लिखा है कि महज हाईस्कूल पास 44 साल के वाड्रा 325 करोड़ संपत्ति के मालिक बन गए हैं।

हालांकि उनके पास जमीन-जायदाद के कारोबार का कोई अनुभव नहीं है। अमेरिकी अखबार के मुताबिक वाड्रा ने महज पांच साल के भीतर एक लाख रुपये के निवेश से 325 करोड़ से अधिक की संपत्ति बना ली है। देश के सबसे ताकतवर राजनीतिक घराने-गांधी परिवार के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के बारे में उक्त जानकारी जमीन जायदाद के जानकारों से बातचीत और सरकारी दस्तावेजों की छानबीन के जरिये जुटाई गई है।

2007 में एक लाख रुपये से शुरू की गई अपनी कंपनी के जरिये वाड्रा 253 करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीन-जायदाद के मालिक हैं और वह दो साल पहले 72 करोड़ रुपये की जमीन बेच चुके हैं। 2012 के बाद से उनकी ओर से किए गए कारोबार का ब्योरा सरकारी दस्तावेजों में नहीं हैं।

रॉबर्ट वाड्रा के प्रवक्ता ने इस खबर के सिलसिले में कहा है कि यह उनकी छवि खराब करने की कोशिश है। भाजपा प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री ने वाड्रा के जमीन सौदों की जांच की मांग की है। अरुण जेटली ने कहा है कि अगर वाड्रा दोषी होंगे तो बख्शे नहीं जाएंगे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने यह बात उमा भारती के उस बयान के सिलसिले में कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि वाड्रा जल्दी ही जेल में होंगे।

वॅाल स्ट्रीट जर्नल के पहले पन्ने पर छपी खबर के मुताबिक वाड्रा की ओर से राजस्थान के महेश नागर जमीनों के सौदे करते रहे हैं, लेकिन वह यह भी दावा करते हैं कि वह सोनिया के दामाद से कभी नहीं मिले। 2004 में जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई थी तब वाड्रा सस्ते गहनों का निर्यात किया करते थे। वह 2007 में रियल एस्टेट के धंधे में स्काई लाइट नामक कंपनी के जरिये उतरे। उन्होंने यह कंपनी एक लाख से भी कम रुपये में शुरू की थी।

2008 में स्काई लाइट ने गुड़गांव में साढ़े तीन एकड़ कृषि योग्य जमीन खरीदी। दो महीने बाद उन्होंने उसका व्यावसायिक उपयोग करने की इजाजत मांगी, जो उन्हें तीन हफ्ते में ही मिल गई और उनकी जमीन के दाम यकायक बढ़ गए। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वाड्रा की कंपनी ने राजस्थान में भी दो हजार एकड़ जमीन खरीद रखी है। अमेरिकी अखबार के मुताबिक राजस्थान सरकार वाड्रा के जमीन सौदों की जांच करा रही है।

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