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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अंग्रेजी बोलने वाले बच्‍चे देते हैं माता-पिता को धोखा : संघ

By vivek pandeyEdited By:
Updated: Sat, 03 Jan 2015 12:07 AM (IST)

अंग्रेजी बोलने वाले बच्‍चे बूढ़े होने पर मां-बाप को छोड़ देते हैं। यह चेतावनी विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्‍थान के प्रमुख ने दी।

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नई दिल्ली। आपका बच्चा आज अंग्रेजी तो बोल सकता है, लेकिन जब आप बूढ़े होगे तो वह आपको छोड़ देगा। राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के प्रमुख रामेंद्र राय ने यह चेतावनी दी है। यह संस्थान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा हुआ है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार का सत्ता में आना यह संकेत है कि अब समय आ गया है, जब सांस्कृतिक युद्ध को नए स्तर पर ले जाया जाए।

हर प्रखंड में विद्यालय प्रोजेक्ट के तहत आरएसएस वर्ष 2017 के पहले हर ब्लॉक में एक मॉडल स्कूल खोलना चाहता है। आरएसएस का एक अभियान युवाओं को अपने साथ जोड़ने का है। इस कड़ी में आरएसएस से जुड़े संगठनों का नया काम मिशनरीज के द्वारा चलाए जाने वाले स्कूलों और शैक्षणिक संस्थाओं की ग्रोथ पता करना है।

संघ परिवार से जुड़ी शैक्षणिक संस्थाओं जैसे शिशु मंदिर सेवा भारती, विद्या भारती, वनवासी कल्याण आश्रम, भारत कल्याण प्रतिष्ठान और भारतीय जन सेवा संस्थान आदि के प्रमुखों की बैठक बताया गया कि इसाई मिशनरियों द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके जवाब में ऐसे गुरुकुल और स्कूलों को शुरू करना है, जो सोचने के भारतीय तरीके को प्रोत्साहित करे।

बैठक में तय किया गया कि लोगों में जागरुकता के लिए देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। लोगों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाए कि वे अपने बच्चों को हिंदुओं के द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों में भेजें न कि मिशनरीज के स्कूलों में। राय ने बताया कि विद्या भारती संस्थान देशभर में करीब 40 हजार स्कूलों को संचालित करती है, जहां 40 लाख से अधिक छात्र पढ़ते हैं।

(साभार : नई दुनिया)