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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क‌र्फ्यू में ढील से पटरी पर आने लगा सहारनपुर

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Updated: Wed, 30 Jul 2014 02:51 PM (IST)

सहारनपुर में क‌र्फ्यू के पांचवें दिन मिली पांच घंटे की ढील के दौरान जीवन पटरी पर लौटता नजर आया। यहां पैरा मिल्ट्री फोर्स के जवान क‌र्फ्यू का उल्लंघन क ...और पढ़ें

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लखनऊ। सहारनपुर में क‌र्फ्यू के पांचवें दिन मिली पांच घंटे की ढील के दौरान जीवन पटरी पर लौटता नजर आया। यहां पैरा मिल्ट्री फोर्स के जवान क‌र्फ्यू का उल्लंघन करने वालों की जमकर खबर लेते नजर आए। दंगे में दो सौ से अधिक दुकानों में आगजनी और लूटपाट से करीब डेढ़ सौ करोड़ का नुकसान हुआ है। तहसीलदार ने अपनी टीम लेकर नुकसान का सर्वे करना शुरू कर दिया है। शासन के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सहारनपुर में हालात सामान्य होने पर उच्च अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर 11 थानाध्यक्ष, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

सहारनपुर दंगे ने सियासी चेहरा बदलकर रख दिया है। इसका असर आने वाले उपचुनाव पर भी देखा जाने लगा है। इसके चलते सभी राजनीतिक दल अपना वोट बैंक समेटने में लगे हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मामले की जांच करने सहारनपुर पहुंचने वाला है। उसे प्रवेश से रोकने के लिए प्रशासनिक अफसरों ने जबरदस्त जाल बिछा दिया है।

उल्लेखनीय है कि दंगे की जांच के लिए भाजपा का प्रतिनिधि मंडल अमित अग्रवाल के नेतृत्व में आने वाला है। दंगे का असर आसपास के जिलों पर भी पड़ा है। इस समय सभी राजनीतिक दल उपचुनाव को लेकर चिंतित हैं। सहारनपुर में दंगे के पांच दिन बीतने के बाद भी मुख्यमंत्री या सपा का कोई बड़ा नेता या नुमाइंदा दंगाग्रस्त इलाकों में नहीं आने से सपा के समीकरण गड़बड़ाते नजर आ रहे हैं। इस बीच सहारनपुर दंगे में फर्जी नामजदगी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने लाव लश्कर के साथ मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट पर डेरा डाल दिया है। इसको देखते हुए प्रशासन अपनी तैयारियों में जुट गया है।

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