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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुंबई हमले के दौरान आतंकियों से फोन पर संपर्क में थे मीर और खफा: हेडली

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Thu, 11 Feb 2016 02:52 PM (IST)

मुंबई हमले के साजिशकर्ता डेविड हेडली की वीडियोकांफ्रेंसिंग द्वारा दी जा रही गवाही का आज चा‍ैथा दिन है। अपनी गवाही में वह अब तक कई खुलासे कर चुका है। उसने बताया कि 26/11 को हुए मुंबई हमले के दौरान साजिद मीर और अबु खफा लगातार आतंकियों से फोन पर संपर्क

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नई दिल्ली। मुंबई हमले के साजिशकर्ता डेविड हेडली की वीडियोकांफ्रेंसिंग द्वारा दी जा रही गवाही का आज चाैथा दिन है। अपनी गवाही में वह अब तक कई खुलासे कर चुका है। आज गवाही के दौरान उसने बताया कि 26/11 को हुए मुंबई हमले के दौरान साजिद मीर और अबु खफा लगातार आतंकियों से फोन पर संपर्क थे और लगातार दिशा निर्देश दे रहे थे। आज उसने लश्कर की महिला विंग होने और गुजरात में मारी गई इशरत जहां का लश्कर का आत्मघाती हमलावर होने जैसे कई बड़े खुलासे किए।

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अक्षरधाम समेत कई राज्यों में हमला करने की थी याेजना

हेडली ने बताया कि भारत के हिस्से वाले कश्मीर के अलावा लश्कर के मुजम्मिल भारत के कई दूसरे राज्यों में भी आतंकी हमलों को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे थे। उसने बताया कि दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर भी आतंकियों के निशाने पर था। उसके मुताबिक यह सब गुजरात दंगों और बाबरी मस्जिद का बदला लेने के लिए किया जाना था। हेडली ने बताया कि खफा लश्कर का दूसरे नंबर का इंचार्ज है। उसकी मुलाकात खफा से पाकिस्तान में एक मीटिंग के दौरान हुई थी। यह मीटिंग लाहौर के नजदीक हुई थी। इस बैठक में हाफिज सईद के साथ लखवी भी शामिल था।

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ईमेल में करता था कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल

अपनी गवाही में हेडली ने बताया कि वह तहव्वुर राणा समेत मेजर इकबाल और साजिद मीर को ईमेल भेजकर कोई भी संदेश देता था और दिशा-निर्देश भी इसी के माध्यम से प्राप्त भी करता था। उसने बताया कि ईमेल में वह कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल करता था जिससे किसी को उसकी सच्चाई और उसकी आतंकी साजिश का पता न चले। उसने बताया किे वर्ष 2006 से लेकर 2009 तक भारत दौरे के दौरान उसने करीब दो से तीन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया। इन नंबरों को चालू करने के लिए उसने अपने पासपोर्ट की फोटोकॉपी भी सर्विस प्रोवाइडर को मुहैया करवाईं थी।

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राणा समेत मुजम्मिल और दुजाता ने किया था कश्मीर का दौरा

उसने बताया कि आतंकी हमले से पहले तहव्वुर राणा ने मुंबई का दौरा किया था। उस वक्त हेडली ने उसको वापस अमेरिका जाने की सलाह दी थी। उसने बताया तहव्वुर राणा वह पाक आर्मी में डाक्टर था और मुंबई में उसको कवर करने की जिम्मेदारी भी उसकी ही थी। वह हर वक्त राणा के सपंर्क में रहता था। इस गवाही में उसने आईएसआई की फंडिंग के बारे में भी जानकारी दी है। उसने बताया किे अबु दुजाता ने उसकी मुलाकात मुजम्मिल से करवाई थी। यह दोनों ही भारत के हिस्से वाले कश्मीर में भी गए थे।

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