विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट का अनोखा फैसला, 24 हफ्ते के भ्रूण को गिराने की दी इजाजत

By Monika minalEdited By:
Published: Mon, 16 Jan 2017 03:24 PM (IST)Updated: Mon, 16 Jan 2017 03:30 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने गर्भवती महिला को भ्रूण में विकृतियां होने पर 24 हफ्ते में गर्भपात की इजाजत दी है।

सुप्रीम कोर्ट का अनोखा फैसला, 24 हफ्ते के भ्रूण को गिराने की दी इजाजत
सुप्रीम कोर्ट का अनोखा फैसला, 24 हफ्ते के भ्रूण को गिराने की दी इजाजत

नई दिल्ली(जेएनएन)। सुप्रीम कोर्ट ने एक अलग तरह के मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को 24 हफ्ते की गर्भवती महिला को गर्भपात की इजाजत दे दी। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मेडिकल टेर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 को अंसवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी थी और गर्भपात कराने की इजाजत मांगी थी। कानूनन 20 हफ्ते के बाद गर्भपात नहीं कराया जा सकता। इसके तहत सात साल की सजा का प्रावधान है।

लेकिन गर्भ में पल रहे भ्रूण में कई तरह की विकृतियां होने और मां की जान के खतरे को देखते हुए कोर्ट की ओर से ऐसा फैसला लिया गया। मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने गर्भ जारी रखने पर महिला की जान को खतरा बताया था।

पढ़ें: बदनामी के डर से रेप पीड़िता का कराया गर्भपात, 60 सेकेंड में देखिए पूरी ख़बर

मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार की सलाह को देखते हुए जस्टिस एस बोबड़े और एल नागेश्वर राव ने गर्भपात की मंजूरी दे दी। कोर्ट ने कहा कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से साफ है कि बच्चे के बचने की उम्मीद नहीं है और महिला की जान को बचाने के लिए गर्भपात किया जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने अस्पताल से इस मामले की निगरानी और पूरी प्रक्रिया का रिकार्ड रखने को कहा है।

पढ़ें: विदेश से आई गर्भवती छात्रा के गर्भपात मामले में दंपती गिरफ्तार

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।