विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्कॉर्पियन पनडुब्बी के गोपनीय दस्तावेज लीक, रक्षा मंत्री ने नौसेना प्रमुख से मांगी रिपोर्ट

By kishor joshiEdited By:
Updated: Wed, 24 Aug 2016 01:06 PM (IST)

फ्रांस के तकनीकी सहयोग से निर्मित स्कोर्पियन पनडुब्बी की खुफिया जानकारियां लीक होने से भारतीय नौसेना में खलबली मच गई है।

News Article Hero Image

नई दिल्ली (जेएनएन)। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने दावा किया है कि भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली स्कॉर्पियन पनडुब्बी से जुड़ी ख़ुफ़िया सूचनाएं लीक हो गई हैं। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर ने कहा है, "यह पहली नजर में हैंकिंग का मामला लगता है और यह देखना होगा कि यह हमसे जुड़ा हुआ है कि नहीं। इस मामले में नौसेना से रिपोर्ट मांगी गयी है।"

कांग्रेस ने की जांच की मांग

पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने सरकार से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है ताकि सच सामने आ सके। एंटनी ने कहा कि ये एक गंभीर मामला है। इसमें ये जांचने की जरुरत है कि क्या वास्तव में दस्तावेज लीक हुए हैं। अगर लीक हुए हैं तो वो किस हद तक है।

नौसेना को जांच के आदेश

नौसेना ने भी इस मामले में प्रतिकिया देते हुए कहा है, "ऐसा प्रतीत होता कि दस्तावेजों के लीक होने का स्त्रोत बाहरी मुल्क में हैं।" आपको बता दें कि ये पनडुब्बी फ्रेंच शिपबिल्डर डीसीएनएस के साथ मिलकर बनायी जा रही हैं। इन सूचनाओं में पनडुब्बी से जुडी कई ख़ुफ़िया जानकारियां हैं। अगर यह खबर सही हुई तो लीक हुआ ये डाटा चीन और पाकिस्तान के लिए काफी अहम साबित हो सकता है।

पढ़ें- तीन साल में दोगुना होगा भारत का रक्षा उत्पादन: पार्रिकर

बड़े सौदे में लीक

3.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इस सौदे के तहत बनने वाली कुल छह पनडुब्बियों में से पहली आईएनएस कलावरी इस समय मुंबई में निर्मित की जा रही है। फिलहाल इस बात को लेकर संशय बना हुआ कि दस्तावेज़ भारत में लीक हुए या फ्रांस में। ऑस्ट्रेलियन मीडिया का कहना है कि पनडुब्बी से जुड़ी करीब 22,400 पेज का अहम डाटा लीक हुआ है जिसमें हथियारों की डिटेल, क्रू मेंबर्स और पनडुब्बी के रास्ते के अलावा पनडुब्बी की क्षमता और इसका तकनीकी विवरण भी शामिल हैं।

बता दें कि स्कॉर्पियन श्रेणी की 68 मीटर लंबी पनडुब्बी अपनी तरह की पहली स्वदेश निर्मित पनडुब्बी है। यह जल के अंदर के साथ-साथ जल की सतह पर भी प्रहार करने में सक्षम है। इसके अलावा पानी के अंदर सूचनाएं इकट्ठा करने, बारूद बिछाने एवं स्वयं को दुश्मन की निगाह से बचाते हुए क्षेत्र की निगरानी करने में भी यह समर्थ है।

पढ़ें- मिसाइल और पनडुब्बी बनाना चाहती है अनिल अंबानी की कंपनी