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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फोन टैपिंग पर बिफरे शरद यादव, कार्रवाई की मांग

By Manish NegiEdited By:
Updated: Sat, 18 Jun 2016 11:41 AM (IST)

द यू के पूर्व प्रमुख शरद यादव ने एक कारपोरेट समूह के कई मंत्रियों और उद्योगपतियों के फोन टैप करने की रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग की है।

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नई दिल्ली, (पीटीआई)। टेलीकॉम कंपनी एस्सार के पूर्व कर्मचारी के लीक किए टेप से सियासी हल्कों और कारपोरेट जगत में हलचल मच गई है। जद यू के पूर्व प्रमुख शरद यादव ने एक कारपोरेट समूह के कई मंत्रियों और उद्योगपतियों के फोन टैप करने की रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, रिलायंस समूह ने फोन टैपिंग के आरोपों को कंपनी को बदनाम करने की साजिश करार दिया है।

शरद यादव ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट पर स्तब्धता जताते हुए कहा कि सरकार को तत्काल इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। अगर वह सफाई नहीं देती है तो वह इस मुद्दे को पूरी ताकत से संसद में उठाएंगे। सरकार की अनुमति के बिना टेलीफोन टैप करना एक गंभीर अपराध है। इससे पता चलता है कि सरकारी एजेंसियां अपना दायित्व निभाने में कितनी कमजोर हैं।

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मीडिया के इस बात को सामने लाने से पहले खुफिया एजेंसियों को इस बात का पता होना चाहिए था। एक निजी सर्विस प्रोवाइडर के ऐसे गलत काम देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह देश पूंजीपतियों के हाथों का खिलौना नहीं है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2001 से 2006 तक की इस अवैध फोन रिकार्डिग के खुलासे से न्यायपालिका, संसद, बैंक और प्रतिस्प‌र्द्धी कारपोरेट घराने तक सवालों के घेरे में हैं।

दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी मीडिया रिपोर्ट पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि कंपनी और उसके सर्वोच्च अफसर अवैध फोन टैपिंग के शिकार हुए हैं। और कंपनी इस मामले में जल्द ही कानूनी कार्रवाई कर सकती है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी हमेशा से देश के कानूनी से बंधी रही है। टेप की बातचीत में दी गई जानकारी झूठी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नई फोन टैपिंग की जानकारी यूपीए सरकार से भी पहले यानी वाजपेयी सरकार तक के समय से है। तब इस अवैध फोन टैपिंग से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का कार्यालय (पीएमओ) भी नहीं बच पाया था। इन टेपो में उत्तर प्रदेश के मौजूदा राज्यपाल राम नाइक, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल, रेल मंत्री सुरेश प्रभु, मुंबई से सांसद किरीट सोमैया, रेल मंत्री सुरेश प्रभु, सुधांशु मित्तल, दिवंगत भाजपा नेता प्रमोद महाजन, सपा नेता मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह के भी नाम शामिल हैं। वहीं, रिलायंस समूह के मालिक मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, टीना और अन्य अधिकारियों के भी फोन कॉल टैप किए गए हैं।

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