यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिवसेना ने दिखाए महाराष्ट्र की जनता को सपने
विधानसभा चुनाव में उतरने से पहले महाराष्ट्र की जनता को सपने दिखाने में शिवसेना ने सभी दलों को पीछे छोड़ दिया है। उसकी ओर से पूरे महाराष्ट्र के विकास का ...और पढ़ें

मुंबई, ओमप्रकाश तिवारी। विधानसभा चुनाव में उतरने से पहले महाराष्ट्र की जनता को सपने दिखाने में शिवसेना ने सभी दलों को पीछे छोड़ दिया है। उसकी ओर से पूरे महाराष्ट्र के विकास का खाका खींचता एक विजन डॉक्यूमेंटपेश कर दिया गया है।
महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद पर दावे को लेकर शिवसेना का मुकाबला न सिर्फ कांग्रेस-राकांपा जैसे विरोधी दलों से है, बल्कि अपनी सहयोगी भाजपा एवं उसके लिए लगातार मुसीबत खड़ी करती रही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना [मनसे] से भी है। इसलिए शिवसेना इन सभी दलों से पहले अपना विजन डॉक्यूमेंट पेश कर यह संकेत देना चाहती है कि वह राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए वह इन सभी दलों से ज्यादा गंभीर है। अपने विजन डॉक्यूमेंट में शिवसेना ने मुंबई सहित पूरे राज्य के विकास का खाका पेश किया है। इस खाके में भिन्न-भिन्न क्षेत्रों को उनकी विशिष्टता के अनुसार अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। जैसे, औरंगाबाद को पर्यटन क्षेत्र, नाशिक को धार्मिक क्षेत्र, पुणे को शिक्षा क्षेत्र एवं अमरावती को कृषिक्षेत्र का केंद्र बनाने की बात कही गई है। विजन डॉक्यूमेंट में जिलावार विकास का ढांचा भी प्रस्तुत किया गया है।
बता दें कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का नाम उनकी पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए उछाला जाता रहा है। हालांकि, भाजपा के साथ उसके गठबंधन की शर्त में साफ कहा गया है कि दोनों में जिस दल के विधायक ज्यादा होंगे, उसको ही मुख्यमंत्री पद प्राप्त होगा। ऐसे में शिवसेना अभी से अपना विजन डॉक्यूमेंट पेश कर भाजपा पर बढ़त लेना चाहती है।

