यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नोटबंदी पर आजाद के बयान का शिवसेना ने किया बचाव
पार्टी मुखपत्र 'सामना' के शनिवार के संपादकीय में सरकार के लिए तल्ख शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा गया है कि दोनों बार हमलावरों में फर्क है।

मुंबई, प्रेट्र/आइएएनएस। नोटबंदी पर राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के बयान का भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने खुलकर बचाव किया है। आजाद ने उच्च सदन में चर्चा के दौरान कहा था कि उड़ी हमले में 20 जवान शहीद हुए थे, जबकि नोटबंदी के चलते 40 बहादुर देशभक्तों को जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। आजाद के बयान को अनुचित बताते हुए भाजपा उनसे माफी मांगने के लिए कह रही है। लेकिन शिवसेना ने कांग्रेस नेता का बचाव करते हुए पूछा है कि क्या उनके माफी मांगने से सच्चाई बदल जाएगी?
पार्टी मुखपत्र 'सामना' के शनिवार के संपादकीय में सरकार के लिए तल्ख शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा गया है कि दोनों बार हमलावरों में फर्क है। उड़ी में पाकिस्तान ने हमला किया, जबकि नोटबंदी के मामले में हमलावर खुद हमारे शासक थे।
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी पुराने बड़े नोट वापस लेने के लिए शनिवार को मोदी सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि यदि यह विफल हो गई, तो देश में अराजकता फैल जाएगी। ठाकरे ने कहा कि 2014 के चुनाव खर्च का भाजपा ने अब तक निर्वाचन आयोग को ब्योरा नहीं दिया है। यदि काला धन से इतना नफरत है, तो मोदी कैसे चुनाव जीत गए?
इस बीच, द्रमुक ने पुराने नोट वापस लेने पर केंद्र सरकार की जल्दबाजी के विरोध में 24 नवंबर को मानव श्रृंखला बनाने का फैसला किया है। पार्टी ने राज्य सरकार पर लोगों की मुश्किलें दूर करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया है।

