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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकारी अस्पतालों में बेटे की लैब पर घिरे सिद्दरमैया

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Updated: Wed, 13 Apr 2016 10:16 PM (IST)

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया अपने छोटे बेटे की लैब को लेकर घिरते नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने मुख्यमंत्री के बेटे को सरकारी अस्पतालों में लैब खोलने की अनुमति देने को मंत्रियों की आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है।

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बेंगलुरु, प्रेट्र। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया अपने छोटे बेटे की लैब को लेकर घिरते नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने मुख्यमंत्री के बेटे को सरकारी अस्पतालों में लैब खोलने की अनुमति देने को मंत्रियों की आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है।
राज्य के सरकारी अस्पतालों में मैट्रिक्स इमेंजिंग सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की साझेदारी में लैब का संचालन होना है। सिद्दरमैया के छोटे बेटे यतींद्र इसके निदेशक हैं। मुख्यमंत्री ने हालांकि विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा, 'वह (यतींद्र) पेशे से डॉक्टर है। उसके दोस्त की एक कंपनी है। यतींद्र कंपनी के निदेशकों में शामिल है। उन लोगों ने टेंडर में हिस्सा लिया था। उनकी बोली सबसे कम थी। यह सब लोगों की सेवा के लिए है। इसमें सरकार का कोई पैसा नहीं लगा है।

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मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब जब विधान परिषद में नेता विपक्ष और भाजपा नेता केएस ईश्वरप्पा ने इस फैसले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा, 'यतींद्र मुख्यमंत्री के पुत्र हैं, सिर्फ इस कारण से उन्हें कोई काम करने से नहीं रोका जाना चाहिए। लेकिन, कोई भी टेंडर नियम और कानून के दायरे में होना चाहिए।