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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी मंत्रिमंडल में होगा फेरबदल लेकिन अभी तारीख तय नहीं

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Sat, 28 May 2016 06:31 AM (IST)

मंत्रीमंडल में फेरबदल के साथ भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी को एक 'निर्णायक' सरकार देने का श्रेय देते हुए कहा कि पिछले दो साल में मजबूत बुनियाद रखी गई है।

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नई दिल्ली (प्रे)। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेत दिए हैं। केंद्र सरकार के दो साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए शुक्रवार को उन्होंने कहा कि सर्बानंद सोनोवाल के इस्तीफे से रिक्त हुई जगह भरी जाएगी, लेकिन तारीख तय नहीं है।

सोनोवाल केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देकर असम के मुख्यमंत्री बने हैं। भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी को एक 'निर्णायक' सरकार देने का श्रेय देते हुए कहा कि पिछले दो साल में मजबूत बुनियाद रखी गई है और अगले तीन साल में विकास की बुलंद इमारत ख़़डी की जाएगी। उन्होंने कहा- 'मैं आश्वस्त हूं कि 2019 (लोकसभा चुनाव) में जब हम फिर से लोगों के पास जाएंगे, हम अपने वादे पूरे कर चुके होंगे।'

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राज्य विधानसभाओं के चुनाव में पार्टी के 'अच्छे' प्रदर्शन को उन्होंने हाल के रोहित वेमुला आत्महत्या प्रकरण तथा जेएनयू विवाद पर जनादेश करार देते हुए कांग्रेस को निशाने पर लिया। कहा कि जिन्होंने ये मुद्दे उठाए अब कहीं नहीं हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी ने इन विवादों को विराम देने का फैसला किया है, शाह ने कहा- 'लोगों ने ही ऐसा कर दिया है।' भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं उन्होंने कहा- 'हमने देश को एक निर्णायक सरकार दी है। यह एक ऐसी सरकार है, जो फैसले लेती है।

लंबे समय बाद एेसी सरकार

लंबे अरसे के बाद मोदी जी के नेतृत्व में ऐसी कोई निर्णायक सरकार गठित हुई है।' उन्होंने कहा कि मोदी सरकार संप्रग के 10 साल के शासन के बाद सत्ता में आई है, जिस दौरान घोटालों और स्कैंडलों का राज रहा था। सरकार में दो साल रहने के बाद हमारे विरोधी भी हम पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सके। शाह ने संप्रग सरकार पर आरोप लगाया कि उसने 'खाली खजाना और पॉलिसी पैरालिसिस' छोड़ा था। नौकरशाही 'खिन्न' थी और लोगों में मायूसी छाई थी। भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि सत्ता में आने के दो साल के अंदर मोदी सरकार ने इन सभी क्षेत्रों में आशा का संचार किया है।

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संप्रग सरकार में विकास का रफ्तार रुक गया था

शाह ने कहा कि संप्रग-1 और संप्रग-2 ने हालात ऐसे बना दिए कि ऐसा प्रतीत हुआ कि देश के विकास का सफर थम गया है। उन्होंने लोगों की समस्याओं के तेज निवारण पर मोदी सरकार के ध्यान की एक मिसाल के तौर पर कहा कि सरकार नीट अध्यादेश लाई, जिसमें राज्यों को अपनी मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने का मौका मिला। उन्होंने यह भी दावा किया कि महंगाई 'बहुत हद तक' काबू में है, जबकि विदेशी मुद्रा भंडार ब़़ढ रहा है। उन्होंने कहा कि कई साल से लंबित ओआरओपी का मुद्दा उनकी सरकार के दौरान हल किया गया।