यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जासूसी कांड की जांच बंद करा सकती है मोदी सरकार
मोदी सरकार गुजरात के महिला जासूसी कांड की जांच बंद करा सकती है। गौरतलब है कि पूर्व संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने जासूसी कांड की जांच कराने ...और पढ़ें

नई दिल्ली। मोदी सरकार गुजरात के महिला जासूसी कांड की जांच बंद करा सकती है। गौरतलब है कि पूर्व संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने जासूसी कांड की जांच कराने के आदेश दिए थे।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने 26 दिसंबर, 2013 के आदेश को रद करने के लिए एक नोट पेश किया जाएगा, जिसके तहत 2009 में गुजरात में एक महिला की जासूसी करने के आरोपों की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किए जाने की बात कही गई थी।
गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू पहले ही संकेत दे चुके हैं कि जांच आयोग गठित करने के राजनीति से प्रेरित निर्णय की एनडीए सरकार समीक्षा करेगी।
भारतीय जनता पार्टी ने इस संबंध में तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार की पहल का विरोध किया था और मांग की थी कि जांच बंद की जानी चाहिए, क्योंकि गुजरात सरकार ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है।
तत्कालीन यूपीए सरकार के जांच कराने के निर्णय से राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था, क्योंकि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जासूसी कांड से कथित तौर पर नरेंद्र मोदी का नाम जोड़ा गया।

