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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम मोदी के वियतनाम दौरे में साउथ चाइना सी विवाद रहेगा सबसे बड़ा एजेंडा

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Fri, 02 Sep 2016 05:28 PM (IST)

पीएम मोदी के वियतनाम दौरे से पहले जो बातें वियतनाम में भारतीय राजदूत पी. हरीश ने कही उससे साफ है कि वार्ता का बड़ा एजेंडा साउथ चाइना सी हो सकता है।

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नई दिल्ली, एएनआई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वियतनाम दौरे से पहले वियतनाम में भारत के राजदूत ने साउथ चाइना सी विवाद पर जो अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी की है उससे यह बात बिल्कुल साफ है कि दोनों देशों के बीच होनेवाली वार्ता में यह विवाद एक बड़ा एजेंडा होगा। वियतनाम में भारतीय राजदूत पी. हरीश ने कहा कि साउथ चाइना सी पर हेग ट्रिब्यूनल के फैसला का चीन को सम्मान करने की जरूरत है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वियतनाम यात्रा से ठीक पहले भारतीय राजदूत पी. हरीश ने कहा, हम ऐसा मानते हैं कि UNCLOS (यूनाइटेड नेशन्स कन्वेंशस ऑन द लॉ ऑफ द सी) समुद्र और महासागर से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानून है जो उसकी बुनियादी पहलुओं को प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए, हम सभी पक्षों से यह कहते हैं कि वे UNCLOS का सम्मान करें।

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वियतनाम में भारतीय राजदूत पी. हरीश

पी. हरीश ने आगे कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र आवाजाही को लेकर लगातार वकालत करते रहे हैं। साफतौर पर ये बीजिंग के संदर्भ में कही गई बातें थी जिसने हेग ट्रिब्यूनल की तरफ से साउथ चाइना सी पर दिए फैसले को खारिज कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने जुलाई में अपना फैसला सुनाते हुए साउथ चाइना सी पर चीन की तरफ से किए जा रहे दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया था।

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