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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सर्वदलीय बैठक के बाद बोले गुलाम नबी- बिल पारित होने में कांग्रेस नहीं डालेगी बाधा

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Mon, 18 Jul 2016 12:08 AM (IST)

सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताअों की उपस्थिति में सर्वदलीय बैठक हुई।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में जारी हिंसा और पाकिस्तान के उकसावे की हरकतों के बीच शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र को सियासी गरमी से बचाने के लिए सरकार की अोर से सर्वदलीय बैठक बुलाई । सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी अाजाद ने कहा कि कांग्रेस मेरिट के आधार पर लंबित बिलों को पारित करवाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित, राष्ट्रहित अौर विकास से जुड़े बिल को पास कराने में कांग्रेस सहयोग करेगी।

बैठक में प्रमुख रुप से अरुण जेटली, राजनाथ सिंह, अनंतकुमार, मुख्तार अब्बास नकवी, गुलाम नबी अाजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, ज्योतिरादित्य सिंधिया, संजय राउत, डी राजा, सतीश चंद्र मिश्रा, डीपी त्रिपाठी, चिराग पासवान, सीताराम येचुरी सहित सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता मौजूद थे।

वैसे संसद सत्र से एक हफ्ते पहले तक सरकार को घेरने के लिए ज्यादा सियासी हथियार नहीं दिख रहे थे। लेकिन जम्मू-कश्मीर के हालात के बाद पाकिस्तान की निर्लज्ज हरकतों को लेकर विपक्षी दल केंद्र सरकार पर उसकी पाक नीति को लेकर निशाना साध रहे हैं। यह मुद्दा संसद सत्र में काफी प्रमुखता से उठेगा। विपक्ष शासित राज्यों को कथित तौर पर अस्थिर करने के मसले पर भी कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल सरकार को घेरने के लिए तैयार हैं।

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उत्तराखंड के बाद अरुणाचल प्रदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके लिए सबसे बड़ा हथियार है। अंतरराज्यीय परिषद की बैठक में शनिवार को विपक्षी मुख्यमंत्रियों ने राज्यपालों की भूमिका के बहाने इसकी एक झांकी तो दिखा ही दी। संसद का मानसूत्र सत्र 18 जुलाई से शुरू हो रहा है और 12 अगस्त तक चलना है। इसमें राज्यसभा में जीएसटी बिल को पारित कराना सरकार का सबसे बड़ा एजेंडा है।

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