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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चंडीगढ़ में अगली रणनीति बनाएंगे योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण

By Sachin kEdited By:
Updated: Sat, 04 Apr 2015 08:19 AM (IST)

आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाले गए योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण अगले सप्ताह चंडीगढ़ में अपनी नई रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। यादव व भूषण समर्थक सात अप्रैल को यहां जुटने वाले हैं, जिसकी जोरदार तैयारी की जा रही हैं। राज्य में सक्रिय जयहिंदू गुट

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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाले गए योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण अगले सप्ताह चंडीगढ़ में अपनी नई रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। यादव व भूषण समर्थक सात अप्रैल को यहां जुटने वाले हैं, जिसकी जोरदार तैयारी की जा रही हैं। राज्य में सक्रिय जयहिंदू गुट की ओर से यादव व भूषण समर्थकों के इस शक्ति-प्रदर्शन में व्यवधान डाल सकता है। लिहाजा, टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

बेशक पंजाब से आम आदमी पार्टी के चार सांसद जीतकर आए हैं, लेकिन हरियाणा शुरू से ही पार्टी का प्रमुख कर्म क्षेत्र रहा है। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल स्वयं हरियाणा के रहने वाले हैं। एक-दूसरे के धुर विरोधी योगेंद्र यादव व नवीन जयहिंदू भी इसी राज्य के हैं। यादव के खिलाफ माहौल बनाने में जयहिंदू की बड़ी भूमिका रही है। उन्हें केजरीवाल के विश्वासपात्रों में गिना जाता है।

प्रदेश में जब-जब यादव ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां शुरू की हैं, तब-तब जयहिंदू उनकी राह में बाधा बनकर खड़े हुए हैं। अब यादव व भूषण राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाले जा चुके तथा चंडीगढ़ में सात अप्रैल को शक्ति-प्रदर्शन की तैयारी में हैं तो उनके विरोध की रणनीति भी जयहिंदू खेमे की ओर से तैयार की जा रही है।

योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण का दिल्ली से बाहर यह पहला शक्ति-प्रदर्शन होगा, जिसमें दोनों अपने समर्थकों के साथ भविष्य की रणनीति तैयार करेंगे। चंडीगढ़ में सात अप्रैल को हरियाणा के साथ-साथ पंजाब व चंडीगढ़ के पार्टी कार्यकर्ताओं को भी बुलाया गया है। पंजाब व हरियाणा के कार्यकर्ताओं की अलग-अलग बैठकें होने की सूचना है, जिसमें यादव व प्रशांत भागीदारी करेंगे।

सूत्रों की मानें तो यादव व भूषण के सामने नई पार्टी बनाने के प्रस्ताव आ सकते हैं। हरियाणा में पहले से दोफाड़ हो चुकी आम आदमी पार्टी की गतिविधियों को हालांकि इससे धक्का पहुंचेगा, लेकिन नवीन जयहिंदू को खुलकर काम करने का मौका भी हासिल हो जाएगा।

दिल्ली के घटनाक्रम के बाद यादव व भूषण समर्थक माने जाने वाले कुछ नेताओं की एक मीटिंग भी हुई है, जिसमें अंबाला से लोकसभा चुनाव लड़ चुके एसपी सिंह, डीआर चौधरी, संतोष मौदगिल, ब्रहमदत्त व केएल मलिक समेत कई नेता मौजूद रहे। ऐसे में पार्टी की कलह बढ़ेगी ही। पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ता राजीव गोदारा के अनुसार, दोनों राज्यों से समर्थक इकट्ठा होंगे व पार्टी में चल रहे हालिया घटनाक्रम पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

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