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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    घाटी की जमीनी हकीकत जानने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगी रिपोर्ट

    By Gunateet OjhaEdited By:
    Updated: Fri, 29 Jul 2016 04:39 PM (IST)

    कोर्ट ने रिपोर्ट की मांग उस याचिका की सुनवाई के दौरान की जिसमें घाटी का शासन राज्यपाल के हाथों देने की मांग की गई है। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर घाटी की जमीनी हकीकत जानने के लिए सॉलिसिटर जनरल से रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने रिपोर्ट की मांग उस याचिका की सुनवाई के दौरान की जिसमें घाटी का शासन राज्यपाल के हाथों देने की मांग की गई है।

    हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाने की मांग करने वाली इस याचिका पर फिलहाल किसी तरह का नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया। बता दें कि याचिका पैंथर्स पार्टी की तरफ से दाखिल की गई थी। याचिका में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर के हालात काबू से बाहर हो गये हैं। इसलिए विधानसभा को भंग किया जाए और राज्यपाल सत्ता अपने हाथ में लें।

    आज सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता की प्रार्थना को अस्वीकार कर दिया। लेकिन आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की जमीनी हकीकत पर केंद्र सरकार से रिपोर्ट की मांग की है। गौरतलब है कि सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादी बुरहान वानी के इनकाउंटर के बाद हुए विरोध प्रदर्शन में लगभग 30 नागरिकों की
    मौत हो गई थी।

    जिसके बाद घाटी के हालात बेकाबू हो गए थे। वानी के एनकाउंटर के बाद से घाटी में लगातार कर्फ्यू लगा हुआ है और आज कर्फ्यू का आखिरी दिन है। अलगाववादियों ने सरकार के खिलाफ लगातार मोर्चा खोला हुआ है। कुछ दिन पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घाटी का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की थी।

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