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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पत्नियों की ऐसी जिद पर पति ले सकते हैं तलाक

    By Manish NegiEdited By:
    Updated: Sat, 08 Oct 2016 02:59 AM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि पति को माता-पिता से अलग रहने के लिए मजबूर करना तलाक का आधार हो सकता है। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली, (जेएनएन)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर पति को उसके मां-बाप से अलग रहने के लिए मजबूर किया जाता है तो ये तलाक का आधार हो सकता है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर पत्नी बार-बार सुसाइड की धमकी देती हो तो इसके आधार पर तलाक लिया जा सकता है। कोर्ट ने इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के एक आदेश को रद्द करते हुए फैसला सुनाया है।

    कर्नाटक हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें निचली अदालत ने बार-बार खुदकुशी की धमकी देने को अत्याचार मानते हुए तलाक की इजाजत दे दी थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि पति को अगर पत्नी बार-बार सुसाइड करने की धमकी दे तो ऐसे हालात में वह सुकून महसूस नहीं कर सकता। अगर पत्नी आत्महत्या कर लेती है तो पति की पूरी जिंदगी तबाह हो सकती है।

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    कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा है कि साधारण परिस्थिति में पत्नी शादी के बाद पति के परिवार के साथ रहती है। अगर पत्नी अलग रहने को कहती है तो उसका कोई ठोस कारण होना चाहिए।

    कोर्ट ने कहा कि पत्नी की यह जिद निराधार है कि वह अपने पति के साथ अकेले रहना चाहती है। अगर पत्नी ऐसा करती है तो उसे अत्याचार माना जाएगा और यह तलाक का आधार होगा।

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