विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वित्त मंत्री जेटली की दो टूक, कहा- नोट बंदी पर रोल बैक का सवाल नहीं

By Manish NegiEdited By:
Updated: Thu, 17 Nov 2016 09:39 PM (IST)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि नोटबंदी के फैसले को सरकार वापस नहीं लेगी। पूरे विपक्ष को केंद्र सरकार के इस फैसले का समर्थन करना चाहिए।

News Article Hero Image

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोट बंदी पर रोल बैक से इन्कार करते हुए कहा है कि सरकार देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था में स्वच्छता लाने के लिए कटिबद्ध है। आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस की मांग को खारिज करते हुए जेटली ने कहा कि नोट बंदी पर रोल बैक की राजनीतिक मांग उठाई जा रही है लेकिन इसका सवाल ही नहीं उठता है।

प्रधानमंत्री और सरकार ने राजनीति और अर्थव्यवस्था में स्वच्छता लाने के लिए नोट बंदी का फैसला किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोट बंदी का फैसला वापस लेने की मांग उठाई है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पूरे विपक्ष को केंद्र सरकार के इस फैसले का समर्थन करना चाहिए। जेटली ने कहा सभी बैंककर्मी बेहतरीन काम कर रहे हैं। लेकिन उन्हें अभी करोड़ों ग्राहकों के साथ अच्छे से काम करना है।

उन्होंने कहा कि एटीएम की समस्या को युद्ध स्तर पर ठीक किया जा रहा है। बीते कुछ दिनों में हमें 4000 रुपये बदलने के फैसले के दुरुपयोग की शिकायतें मिली थीं और इसीलिए हमने इस सीमा को कम कर दिया है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि एटीएम की समस्या को युद्ध स्तर पर ठीक किया जा रहा है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी का फैसला वापस नहीं लिया जाएगा और बड़े डिफॉल्टरों का लोन माफ नहीं किया जाएगा। पूरा विपक्ष इस फैसले का समर्थन करे।

राज्यसभा में पीएम मोदी को बुलाने की मांग, संसद कल तक के लिए स्थगित

वहीं बैंकों से कैश निकालने की सीमा 4500 से घटाकर 2000 किए जाने पर भी जेटली ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया कि बड़ी संख्या में लोग इसका दुरुपयोग कर रहे थे। चुनिंदा लोगों के लिए नोटबंदी की जानकारी लीक किए जाने के आरोप को भी जेटली ने सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि इसकी संयुक्त संसदीय समिति के जांच की कोई जरूरत नहीं है। कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए जेटली ने कहा, 'एक राष्ट्रीय दल होने के नाते कांग्रेस को इसे बाधित करने के बजाय इसका समर्थन करना चाहिए। इसकी तुलना पाकिस्तान के आतंकवाद से करना गैर जिम्मेदाराना है।'