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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिखर सकता है केजरीवाल का कुनबा, भाजपा के संपर्क में हैं कई विधायक

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Updated: Sat, 19 Jul 2014 12:03 PM (IST)

भाजपा की सरकार बनने की संभावनाओं से सिर्फ कांग्रेस को ही टूट का खतरा नहीं है। इससे आम आदमी पार्टी (आप) को भी अपना कुनबा बिखरने का डर सता रहा है। उसके ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। भाजपा की सरकार बनने की संभावनाओं से सिर्फ कांग्रेस को ही टूट का खतरा नहीं है। इससे आम आदमी पार्टी (आप) को भी अपना कुनबा बिखरने का डर सता रहा है। उसके कई विधायक भाजपा नेताओं के संपर्क में बताए जाते हैं। भाजपा विधायक रामबीर सिंह बिधूड़ी की स्वीकारोक्ति भी इस बात की तस्दीक कर रही है।

शायद यही वजह है कि आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल की बेचैनी बढ़ गई है और वे भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगा रहे हैं। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रहे सियासी घमासान ने आप की चिंता बढ़ा दी है। उसे डर है कि कहीं उसके विधायक साथ छोड़कर भाजपा के पाले में न खड़े हो जाएं। हालांकि, अभी तक जो संकेत मिल रहे हैं, उसमें कांग्रेस के छह विधायकों के समर्थन से सरकार बनाए जाने के फॉर्मूले को भाजपा ज्यादा तरजीह दे रही है। इसके बावजूद भी अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

आप के पांच विधायक दें इस्तीफा

इसमें एक विकल्प है कि आप के पांच विधायक इस्तीफा दे दें, जिससे कि विधानसभा में विधायकों की संख्या घटकर 62 रह जाए। इस स्थिति में सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों की जरूरत होगी, क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष अपना वोट डाल नहीं पाएंगे।

इस समय अकाली सहित भाजपा के 29 विधायक हैं। आप से बगावत करने वाले विनोद कुमार बिन्नी व एक निर्दलीय विधायकों के समर्थन से बहुमत हासिल किया जा सकता है।

पार्टी व्हिप का करें उल्लंघन

वहीं, दूसरा विकल्प है कि विश्वास मत के दौरान आप के कम से कम तीन विधायक पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर भाजपा सरकार को समर्थन दे दें। इससे सरकार बहुमत हासिल कर लेगी। नेताओं का कहना है कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले सदस्यों की सदस्यता के मामले पर फैसला काफी विलंब से होता है।

आप विधायक नहीं चाहते चुनाव

अरविंद केजरीवाल को भी डर है कि कहीं उनके विधायक भाजपा को सरकार बनाने में मदद न करें, क्योंकि आप के भी कई विधायक फिलहाल चुनाव नहीं चाहते हैं। जब सरकार बनाने की सुगबुगाहट शुरू हुई थी, उस समय भी आप के कई विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि अभी भी आप के कुछ विधायक सरकार बनाने की मुहिम में शामिल हैं।

विधायक कर सकते हैं बगावत

बदरपुर से भाजपा विधायक रामबीर सिंह बिधूड़ी ने भी स्वीकार किया है कि आम आदमी पार्टी के सात विधायकों ने उनसे इस सिलसिले में मुलाकात की थी। इससे पता चलता है कि केजरीवाल की पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और जरूरत पड़ने पर इनके विधायक बगावत कर सकते हैं। इसलिए केजरीवाल भाजपा के साथ ही उपराज्यपाल पर भी हमला बोल रहे हैं।

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