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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नोटबंदी पर पीएम मोदी के सदन में बयान न देने तक जारी रहेगा गतिरोध : कांग्रेस

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Mon, 28 Nov 2016 02:16 PM (IST)

लोकसभा में कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नोटबंदी पर पीएम के बयान देने तक यह गतिरोध जारी रहेगा। वहीं राजनाथ ने कहा कि जरूरत हुई तो पीएम सदन में आकर जवाब देंगे।

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नई दिल्ली (जेएनएन)। नोटबंदी पर सदन में सोमवार को फिर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने पीएम से जवाब देने की मांग की और हंगामा किया, जिसके चलते लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। चर्चा के दौरान लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नोटबंदी के फैसले के बाद से अब तक करीब 70 लोगों की मौत लाइन में हो चुकी है। वहीं करीब 1000 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक पीएम मोदी न इस मुद्दे पर बयान नहीं देते हैं तब तक गतिरोध कायम रहेगा।

जरूरत हुई तो पीएम देंगे जवाब

खड़गे का जवाब देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह का कहना था कि जरूरत हुई तो पीएम मोदी सदन में आएंगे भी और इस मुद्दे पर हस्तक्षेप भी करेंगे। नोटबंदी को लेकर लोगों को हो रही परेशानी और सरकार पर लग रहे आरोपों के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि सरकार की तरफ से इसको लागू करने में कोई कमी रह गई है तो इस पर निश्चित तौर पर चर्चा होनी चाहिए। लेकिन हमारेे देश की एकता और अखंडता पर किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। वहीं सीताराम येचुरी का आरोप था कि पीएम विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं, लेकिन विदेश में इस मुद्दे पर जमकर बोलते हैं।

विपक्ष एकजुट

समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है। हालांकि उन्होंने नीतीश पर इस मसले को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। वहीं सरकार की ओर से अनंत कुमार का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहती है लेकिन विपक्ष इससे भाग रहा हैै। विपक्ष के बुलाए गए जन आक्रोश दिवस पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि विरोध जरूरी है लेकिन विपक्ष की बुद्धि विपरीत दिशा में घूम रही है।

सदन में आज फिर हंगामा

नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा आक्रोश दिवस मनाए जाने का असर सोमवार को संसद में भी दिखाई दिया। दोनों सदनों में एक बार फिर विपक्ष ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बयान देने की मांग की। इस मांग को दोहराते हुए कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष की 18 पार्टियों ने जन आक्रोश दिवस का आह्वान किया है, लेकिन नोटबंदी से भारत बंद सरकार ने किया है। वहीं सदन के बाहर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आकर विपक्ष से बात करने दीजिए। इसके बाद उन्होंने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर संसद भवन परिसर में स्थित गांधी मूर्ति के पास सरकार के खिलाफ धरना भी दिया।मायावती ने यह कहते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा कि भाजपा भारत बंद की बात कर रही है लेकिन नोटबंदी करके सरकार इस काम को पहले ही कर चुकी है।

पूरी नहीं हो पाई नोटबंदी पर चर्चा

गौरतलब है कि राज्यसभा में 16 नवंबर को नोटबंदी पर चर्चा शुरु हुई थी जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। वहींं सीपीएम सांसद सीताराम येचुरी द्वारा पीएम मोदी पर विशेषाधिकार हनन आरोप लगाते हुए नोटिस दिया है। इसमें कहा गया है कि पीएम सदन में आते नहीं है और सदन के बाहर नोटबंदी के मुद्दे पर लगातार बात कर रहे है जो कि सदन की अवमानना है। इस नोटिस पर राज्यसभा के सभापति अपना फैसला सुना सकते हैंं।

सदन में हंगामा

नोटबंदी के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ था। लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति की अपील को विपक्षी सांसदों ने अनसूनी कर दी जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी नेताओं ने कहा कि पीएम ये कैसे कह सकते हैं कि विपक्षी दल काले धन के खिलाफ नहीं हैं। विपक्षी सांसदों ने पीएम से माफी की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनौती देते हुए कहा कि पहले वो सदन में आकर चर्चा में शामिल हों। पीएम के सदन में आने के बाद सबकुछ साफ हो जाएगा कि कौन क्या बोलता है।

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