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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कालेधन पर कसेगा शिकंजा, 3 लाख से ज्यादा के नगद लेन-देन पर लगेगी रोक

By kishor joshiEdited By:
Updated: Mon, 22 Aug 2016 05:27 PM (IST)

तीन लाख से ज्यादा के नगद लेन-देन करना संभव नहीं हो पाएगा क्योंकि सरकार तीन लाख से ज्यादा के नगद लेन-देन पर प्रतिबंध लगाने जा रही है।

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नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे काले धन को रोकने के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) की सिफारिश के मद्देनजर तीन लाख रुपए से ज्यादा के नगद लेन-देन पर बैन लगाने जा रही है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कालाधन की जांच को लेकर नियुक्त एसआईटी ने 3 लाख रुपए से ज्यादा के नगद लेन-देन पर बैन लगाने की सिफारिश की थी। साथ ही कानून का उल्लंघन करने पर सजा के प्रावधान की अपील भी एसआईटी ने की थी।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, सरकार का कहना है कि एसआइटी ने द्वारा 15 लाख से ज्यादा के लेन-देन को बैन लगाने के सुझाव पर फैसला होना अभी बाकी है। बता दें कि इस मामले में उद्दयोग जगत ने भारी विरोध जाहिर किया था लेकिन सरकार इस पर विचार करने की सोच रही है

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सरकार तीन लाख से ज्यादा के नगद लेन-देन पर बैन लगाने पर इसलिए विचार कर रही है ताकि क्रेडिट या डेबिट कार्ड्स और चेक या ड्राफ्ट्स के जरिए लेन-देन हो सके। साथ ही इसका आसानी से पता भी लगाया जा सके। वित्त मंत्रालय प्लास्टिक मनी के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। इसी के तहत सरकारी सेवाओं के लिए ट्रांजेक्शन चार्ज नहीं लेने की घोषणा की गई है।

बता दें कि कालाधन को लेकर चल रही बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मई 2014 में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एमबी शाह इसके अध्यक्ष हैं, जबकि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरिजित पसायत उपाध्यक्ष हैं। कुल 11 एजेंसियां उसके तहत काम कर रही हैं।

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