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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चलती ट्रेन में कोच की छत काटकर चोरों ने उड़ा लिए पांच करोड़ रुपये

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Wed, 10 Aug 2016 08:58 AM (IST)

चोरों ने चलती ट्रेन से आरबीआई केे करीब पांच करोड़ रुपयों पर हाथ साफ कर लिया। कड़ी सुरक्षा के बीच 226 बॉक्‍सों में भरकर करीब 340 करोड़ रुपयों को चेन्‍नई लाया जा रहा था।

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चेन्नई (पीटीआई)। तमिलनाडु में चलती ट्रेन से चोरों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआइ) के करीब पांच करोड़ रुपये की नकदी उड़ा ली। सलेम से चेन्नई के बीच के रास्ते में इसको अंजाम दिया गया। अधिकारी हैरान परेशान है कि पुलिस सुरक्षा में लाए जा रहे 340 करोड में से इतनी बड़ी राशि आखिरकार कहां चली गई? उसे किसने चुरा ली।

ट्रेन के मंगलवार सुबह चेन्नई पहुंचने पर यह मामला उजागर हुआ। पुलिस ने एक्सप्रेस रेलगाड़ी के तीन कार्गो कोच में लदे 226 लकड़ी के करेंसी बक्सों में से चार को टूटा पाया। पुलिस महानिरीक्षक एम रामासुब्रमणी के अनुसार, इन टूटे बक्सों में से पांच करोड़ रुपये की राशि चोरी हो गई है। आरबीआइ के एक अधिकारी ने भी पुलिस की बात की पुष्टि की है। उसने बताया कि ट्रेन में सलेम से 340 करोड़ रुपये की पुरानी और 2005 से पहले छपी नोट को 226 लकड़ी के बक्सों में भरकर चेन्नई लाया जा रहा था। चेन्नई पहुंचने पर इनमें से चार बक्से टूटे मिले। इन बक्सों से पांच करोड़ की राशि गायब मिली।

हालांकि सूत्रों का दावा है कि गायब हुई धनराशि पौने छह करोड़ के करीब है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, तीन में से एक कोच का रोशनदान टूटा हुआ था। बहुत संभव है कि इसी ऊपरी रास्ते से किसी ने डिब्बे में घुस कर चोरी की होगी। पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि सलेम से वृद्धाचलम के बीच चोरों ने कार्गो कोच में सेंध लगाई होगी। क्योंकि इस सेक्शन में सलेम-चेन्नई एक्सप्रेस बिजली पर नहीं चलती है। इस दौरान ट्रेन में डीजल इंजन का इस्तेमाल होता है।

अधिकारियों के अनुसार, इसी बात का चोरों ने फायदा उठाया और कोच में घुसकर चार बक्सों से पांच करोड़ ले उड़े। पुलिस का कहना है कि वह कई कोणों से मामले की जांच कर रही है। इसमें पुलिस सुरक्षा के बावजूद ट्रेन में डकैती कैसे हुई भी शामिल है? आरबीआइ के अधिकारी के मुताबिक, सलेम से लाई गई नकदी में 2005 से पहले छपे रुपये और पुराने नोट थे।