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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पांच माह बाद बनिहाल-बारामुला रेल सेवा बहाल, रेलवे ट्रैक पर लौटी जिंदगी

By Monika minalEdited By:
Updated: Thu, 01 Dec 2016 02:03 PM (IST)

आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से घाटी के बारामुला-बनिहाल के बीच ठप पड़ी रेल सेवा बहाल हुई।

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श्रीनगर (राज्य ब्यूरो)। लगभग पांच माह बाद गुरुवार को बारामुला से बनिहाल के बीच रेल परिचालन दोबारा शुरू हुआ। इसे सामान्य होने में अगले दो या तीन दिन का समय लगेगा क्योंकि अभी यात्रियों की तादाद काफी कम है।

जुलाई से बंद था रेल परिचालन

उल्लेखनीय है कि आतंकी बुरहान की मौत के बाद 9 जुलाई को कश्मीर में प्रशासन ने एहतियातन रेल परिचालन को पूरी तरह बंद कर दिया था। बारामुला से बनिहाल तक जहां से भी रेलगाड़ी गुजरती है, सभी इलाके अत्यंत संवेदनशील हैं और उन सभी जगहों पर राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा लगातार हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था।

रेलसंपत्ति को नुकसान

बीते पांच माह के दौरान शरारती तत्वों ने रेलसंपत्ति को कई जगह नुकसान पहुंचाया। कई जगहों पर पटरी को उखाड़ा गया, कई जगह जंक्शन बॉक्स व अन्य रेल अवसंरचना को तोड़ा गया था। कुछ जगहों पर रेलवे स्टेशनों को भी आग लगाने का प्रयास हुआ था।

नवंबर में शुरू हुई थी कवायद

अलबत्ता, हालात में सुधार और हिंसक प्रदर्शनों में लगातार कमी के बाद उत्तरी रेलवे ने वादी में रेल परिचालन को फिर से बहाल करने की कवायद गत नवंबर माह में शुरु की और 16 नवंबर को श्रीनगर-बडगाम रेल मार्ग की सुरक्षा जांच के अगले ही दिन बनिहाल-बारामुला रेलवे लाईन पर श्रीनगर-बडगाम सेक्शन पर रेल परिचालन को बहाल कर दिया गया था। बड़गाम से आगे बारामुला और श्रीनगर से अनंतनाग-बनिहाल तक रेलपटरी की मरम्मत और अन्य सुविधाओं की बहाली के चलते रेलगाड़ी को नहीं चलाया जा सका था। गत मंगलवार को बड़गाम से बारामुला और बढगाम से बनिहाल तक प्रयोग के तौर पर ट्रेन को चला, सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया गया।

बारामुला-बनिहाल के बीच चली ट्रेन

उत्तरी रेलवे के पीआरओ नीरज कुमार ने बारामुला से बनिहाल तक रेल सेवा शुरु करने की पुष्टि करते हुए बताया कि आज सुबह बारामुला से बनिहाल तक रेलगाड़ी को चलाया गया है। हालांकि यात्रियों की तादाद ज्यादा नहीं थी, लेकिन उम्मीद कर रहे हैं कि अगले दो तीन दिनों में जब इस सेक्शन पर रेलपरिचालन को पूरी तरह सामान्य बनाया जाएगा, यात्रियों की संख्या पहले की तरह हो जाएगी। उन्होंने बताया कि वादी में गत जुलाई को शुरु हुए हिंसाचक्र के दौरान लगभग साढ़े चार करोड़ रूपये की कीमत वाली रेलवे संपत्ति तबाह हुई है।

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