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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जजों की संख्या कम होने से तीन करोड़ मामले विचाराधीन : टीएस ठाकुर

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Mon, 09 May 2016 07:30 AM (IST)

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर ने कहा कि जजों की संख्या में कमी के चलते करीब 3 करो़ड़ लंबित केस प्रभावत हो रहे हैं।

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जागरण संवाददाता, कटक : देश की अदालतों में जजों की संख्या कम होने से तीन करोड़ मामले विचाराधीन हैं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने यह बात रविवार को ओडिशा हाई कोर्ट के सर्किट बेंच के शतवार्षिक समारोह का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कही। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका पर साधारण लोगों का विश्वास बढ़ा है। दिन-प्रतिदिन न्यायपालिका का दायित्व बढ़ रहा है और चुनौती भी। हाई कोर्ट में 450 न्यायाधीशों के पद खाली पड़ें हैं।

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न्यायाधीशों के खाली पद भरने से न्याय प्रदान करने में सुविधा होगी। उनके मुताबिक खाली पड़े न्यायाधीशों के पद जल्द भरने के प्रयास किए जा रहे हैं। ओडिशा हाई कोर्ट के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह समारोह 12 दिन तक चलेगा। इस समारोह में देश के विभिन्न हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश भाग लेंगे व अपने विचार व्यक्त करेंगे।