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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JNU विवाद में उमर खालिद-अनिर्बान ने किया आत्मसमर्पण

By Lalit RaiEdited By:
Published: Wed, 24 Feb 2016 12:17 AM (IST)Updated: Wed, 24 Feb 2016 06:06 AM (IST)

दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले के बाद ये साफ हो गया था कि भारत विरोधी नारेबाजी के मुख्य आरोपियों के पास ...और पढ़ें

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नई दिल्ली । जेएनयू कैंपस में भारत विरोधी नारेबाजी का मुख्य आरोपी उमर खालिद और अनिर्बान ने दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। बाकि तीन आरोपी अभी भी जेएनयू कैंपस में हैं। बीती रात प्रशासनिक भवन के बाहर से छात्रों के बीच से जेएनयू में तैनात निजी सिक्योरिटी एजेंसी ग्रुप-4 के गार्ड खालिद और अनिर्बान को गाड़ी में लेकर पश्चिमाबाद गेट से बाहर निकले। वहां पहले से मौजूद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अन्य तीन आरोपी छात्र आशुतोष कुमार, रामा नागा, अनंत प्रकाश ने समर्पण नहीं किया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त आरएस कृष्णैया ने बताया है कि देशद्रोह के आरोपी दोनों छात्रों को धारा 124ए के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपियों को वसंत विहार पुलिस स्टेशन भेजा गया। इन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा। छात्रों के हंगामे से निपटने के लिए वंसत विहार थाना और जेेएनयू कैंपस के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

कन्हैया की गिरफ्तारी नाइंसाफी-एटक

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को जेएनयू के दो छात्रों उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य को सरेंडर करने का निर्देश दिए थे। कोर्ट ने फिलहाल इन दोनों को गिरफ्तारी से राहत देने से इंकार कर दिया और कहा कि इनकी गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है।

उमर खालिद की पूरी स्पीचः 'एक सरकार बैठी है जो अमेरिका के तलवे चाट रही है'

हाईकोर्ट ने खालिद और अनिर्बन के वकीलों से कहा, आपको सरेंडर करना होगा, आप जगह, वक्त बताएं जहां पुलिस आपको गिरफ्तार करे।' जो जगह बताई गई उस पर पुलिस ने आपत्ति जताई थी। खालिद ने सुरक्षा कारणों के चलते गुप्त स्थान पर सरेंडर की इजाजत और पुलिस सुरक्षा की मांग की है।

लगे थे ऐसे-ऐसे नारे

भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह।

कश्मीर की आजादी तक जंग रहेगी जंग रहेगी।

अफजल की हत्या नहीं सहेंगे नहीं सहेंगे।

कितने अफजल मारोगे हर घर से अफजल निकलेगा।

हम क्या चाहते आजादी, आधी रात को आजादी, सुनसान सड़क पर आजादी।

कश्मीर मांगे आजादी, केरल मांगे आजादी, असम मांगे आजादी।

क्या है मामला ?

9 फरवरी को जेएनयू कैंपस में आतंकी अफजल गुरु की बरसी पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जेएनयू छात्रसंघ का अध्यक्ष कन्हैया कुमार शामिल हुआ था। उस कार्यक्रम के दौरान भारत विरोधी नारे लगाए गए। जिसमें इंडिया गो बैक, भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी जैसे नारे लगाए गए। उस आयोजन में उमर खालिद समेत पांचों आरोपी शामिल थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कन्हैया को हिरासत में लिया। कन्हैया इस समय न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद है। कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद ये आरोपी फरार चल रहे थे। हालांकि दो दिन पहले उमर खालिद और दूसरे आरोपी जेएनयू कैंपस में लौट आए। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए खालिद ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। लेकिन कोर्ट ने सख्ट रुख अपनाते हुए खालिद और दूसरे आरोपियों को सरेंडर करने के निर्देश दिए।

कन्हैया की जमानत अर्जी पर सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट में आज देशद्रोह के आरोपी जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी। इस मामले को लेकर आज दिल्ली पुलिस को हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपनी है जिसके आधार पर हाईकोर्ट तय कर सकती है कि कन्हैया को जमानत दी जा सकती है या नहीं।

कन्हैया को पीटने वाला वकील गिरफ्तार

पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया कुमार से मारपीट मामले में नोटिस पर पहुंचे अधिवक्ता यशपाल सिंह को पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। बाद में जमानत पर रिहा कर दिया।

देने होंगे सबूत

दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कल ही कह चुके हैं कि देशद्रोह का आरोप झेल रहे जेएनयू छात्रों को अगर लगता है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया तो उन्हें सबूत देने होंगे।

डॉक्टर्ड वीडियो का इस्तेमाल कर फंसाया गया

इन छात्रों पर संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप हैं। इन छात्रों ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया बल्कि ‘डॉक्टर्ड वीडियो’ का इस्तेमाल कर उन्हें फंसाया गया।

कौन है उमर खालिद ?

उमर खालिद का परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र के अमरावती का रहने वाला था। करीब तीस साल पहले उसका परिवार कश्मीर चला गया और बाद में दिल्ली आ गया। उमर खालिद का पिता प्रतिबंधित संगठन सिमी का सदस्य था। हालांकि १९८५ में खालिद के पिता ने सिमी छोड़ दिया था। उमर खालिद डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन का सक्रिय सदस्य है।

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