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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा पर हो बेहतर तकनीक का इस्तेमाल: रिपोर्ट

    By Manish NegiEdited By:
    Updated: Tue, 30 Aug 2016 11:55 AM (IST)

    भारत-पाक सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बनी मधुकर समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। भारत-पाक सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बनी मधुकर गुप्ता समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सेवानिवृत गृह सचिव मधुकर ने अपनी रिपोर्ट में सीमाओँ पर निगरानी बढ़ाने और तकनीक का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है। समिति ने घुसपैठ की आशंका वाले क्षेत्रों में लेजर दीवार के ना लगाए जाने पर नाखुशी जाहिर की है।

    एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, समिति ने पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे चार राज्यों के लिए अलग सिफारिशें की हैं। भारत-पाक सीमा 3323 किमी लंबी है। जिसमें 1225 किमी जम्मू-कश्मीर में आता है जबकि 1037 किमी राजस्थान, 553 किमी पंजाब और 508 किमी गुजरात में आता है।

    गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पठानकोट में हुए आतंकी हमलों के तीन महीने बाद मधुकर गुप्ता समिति का गठन किया था।

    समिति को भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ में नजर आने वाली सभी तरह की दरारों और इससे जुड़ी अन्य समस्त भेद्यता का अध्ययन करने और अंतरिम एवं स्थायी आधार पर बाड़ की इन सभी दरारों एवं भेद्यता को दुरुस्त करने के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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    गौरतलब है कि पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद भारत-पाक सीमा की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक समिति गठिति की गयी है। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता की अगुवाई वाली समिति ने कई खामियों की तरफ इशारा किया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत-पाक सीमा से लगी हुई नदियों के किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए ताकि घुसपैठ पर प्रभावी रूप से लगाम लगाई जा सके।

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