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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा सरकार ने चुनाव से पूर्व वाड्रा-डीएलएफ डील को दी मंजूरी

By Prajesh ShankarEdited By:
Updated: Mon, 06 Oct 2014 01:11 PM (IST)

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हरियाणा की हुड्डा सरकार ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच विवादास्पद जमीन सौदे को मंजूरी दे दी। इस विवादस्पद सौदे की मंजूरी संबंधी खबर एक अंग्रेजी अखबार में छपी है।

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चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हरियाणा की हुड्डा सरकार ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच विवादास्पद जमीन सौदे को मंजूरी दे दी। इस विवादस्पद सौदे की मंजूरी संबंधी खबर एक अंग्रेजी अखबार में छपी है।

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी अशोक खेमका ने इस सौदे को नामंजूर कर दिया था। यह जमीन गुड़गांव के शिकोहपुर में है। यह डील वाड्रा की कंपनी 'स्काई लाइट हॉस्पिटलिटी' और 'डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड' की बीच हुई है। हरियाणा सरकार ने दावा किया है कि खेमका के आदेश वैध नहीं थे।

हालांकि सरकार की ओर से इस डील को सही करार देने की वजह पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। गुड़गांव के डिप्टी कमिश्नर शेखर विद्यार्थी ने हरियाणा के मुख्य सचिव और फाइनेंशियल कमिश्नर को 16 जुलाई को लिखी चिट्ठी में कहा है कि जमीन को लेकर हुआ करार सही है और राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक इसका मालिकाना हक डीएलएफ के पास है।

इस रिपोर्ट में खेमका के आदेश को अवैध बताया गया। वहीं, हरियाणा के मुख्य सचिव से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे जमीन सौदे को मंजूरी देने वाले किसी पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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