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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहले मतदान, फिर लिया मेले का आनंद

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Sat, 07 Feb 2015 06:45 PM (IST)

सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में शनिवार को दिल्ली चुनाव की चर्चा रही। मेले में दिल्ली से आने वाले दर्शकों ने कहा कि उन्होंने पहले अपना फर्ज निभाते हुए मतदान किया और उसके बाद मेले का आंनद लेने आए हैं।

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फरीदाबाद, जागरण संवाददाता। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में शनिवार को दिल्ली चुनाव की चर्चा रही। मेले में दिल्ली से आने वाले दर्शकों ने कहा कि उन्होंने पहले अपना फर्ज निभाते हुए मतदान किया और उसके बाद मेले का आंनद लेने आए हैं।

हमारा पहले से ही मेला देखने का प्रोग्राम था। चुनाव की वजह से शनिवार को भी छुट्टी मिल गई तो सुबह पहले वोट डाला और उसके बाद परिवार के साथ मेला देखने आए हैं। उम्मीद है इस बार दिल्ली में पूर्ण बहुमत वाली मजबूत सरकार बनेगी।

-जतिन, द्वारका, दिल्ली।

वोट देने के लिए मैं बहुत उत्सुक थी। सुबह सबसे पहले वोट देने पहुंच गई थी। मेरा मानना है कि दिल्ली में एक मजबूत सरकार बने, पिछली बार की तरह न हो। बात बार चुनाव से जनता का पैसा ही बर्बाद होता है। वोट डालने के बाद अपनी सहेलियों के साथ मेला देखने आई हूं।

-मनभावन, पश्चिम विहार, दिल्ली।

लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए हमारा फर्ज है कि हम अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मैने पहले वोट डाला और उसके बाद मेला देखने आई हूं। मैं चाहती हूं कि जो भी सरकार बने वह दिल्ली में विकास कार्य करवाए ताकि जनता को फायदा हो।

-ममता,पश्चिम विहार, दिल्ली।

मैने पहली बार वोट डाला है। पहला वोट होने के कारण मैं वैसे भी बहुत उत्सुक थी। सुबह ही वोट देने के लिए पहुंच गई थी। दिल्ली में सरकार जिसकी भी बने, मगर बहुमत की हो ताकि पिछली बार की तरफ मामला बीच में न लटका रहे।

-बरखा, लोधी रोड, नई दिल्ली।

मैने अपने मत का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना योगदान दिया है। यदि सभी अपने मताधिकार का प्रयोग करें तो दिल्ली में पिछली बार जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। वोट डालने के बाद अब मैं सूरजकुंड मेले का आनंद लेने आया हूं।

-रवि, लोधी रोड, नई दिल्ली।