यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बंगाल चुनाव में पहली बार होगा वीवीपीएटी का इस्तेमाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव आयोग वोटर वैरीफिकेशन पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) का प्रयोग करने जा रहा है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव आयोग वोटर वैरीफिकेशन पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) का प्रयोग करने जा रहा है।
शनिवार को राज्य के अतिरिक्त मुख्य चुनाव आयुक्त दिव्येंदु सरकार ने बताया कि इस तकनीक का इस्तेमाल फिलहाल राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से महज 22 के लिए किया जाएगा। उनके मुताबिक इस व्यवस्था से हर नागरिक को यह जानकारी रहेगी कि किस पार्टी को उनका वोट गया है।
गौरतलब है कि अब तक मतदाता यह नहीं समझ पा रहे थे कि उन्होंने जिसे वोट दिया, उसे पड़ा भी या नहीं। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की व्यवस्था लागू होने के बाद से ही इसे लेकर मतदाताओं में भ्रम की स्थिति रही है। इस भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए ही आयोग इस नई व्यवस्था को लागू करने जा रहा है।
इस व्यवस्था में मतदान मशीन के साथ एक प्रिंटर को जोड़ा जाता है। मतदाता जैसे ही किसी भी पार्टी को वोट करेगा तो संबंधित पार्टी को दिए गए वोट की पर्ची मशीन से निकलकर आएगी। बाद में यह पर्ची मशीन से जुड़े एक बॉक्स में जमा हो जाएगी, जिसे मतदाता देख सकेंगे।
