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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'तुनकमिजाज, सनकी और पक्षपाती थे संजय गांधी'

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Thu, 26 May 2016 09:00 AM (IST)

संजय गांधी के बारे में तमाम तरह की बातें सार्वजनिक होती रही हैं। लेकिन फ्रॉम इंसाइड द स्टील फ्रेम में उनके बारे में सनसनीखेज जानकारी दी गई है।

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नई दिल्ली ( पीटीआई)। संजय गांधी का जिक्र आते ही सामान्य तौर पर ये तस्वीर उभरती है कि वो इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान ताकत का दुरुपयोग किया करते थे। पूर्व नौकरशाह अशोक पांडे अपनी किताब फ्रॉम इंसाइड द स्टील फ्रेम में जिक्र करते हैं कि संजय गांधी तुनकमिजाज, सनकी और पक्षपाती थे। इतना ही नहीं वो अपनी सनक में कई अधिकारियों पर गाज गिरा चुके थे।

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एक प्रसंग का किताब में जिक्र है कि किस तरह से वो पर्यटन और सिविल एविएशन मंत्री जे बी पटनायक पर बेजा दबाव डालते थे। किताब के मुताबिक संजय गांधी उड्डयन मंत्रालय में खासी दिलचस्पी लेते थे। अशोक पांडे एक जगह लिखते हैं कि कैसे पटनायक को अपने एक फैसले को समझाने के लिए संजय गांधी के घर तक जाना पड़ा था।

जे बी पटनायक को सिविल एविएशन के डीजी एयर मार्शल जहीर ने एक गोपनीय खत लिखा, जिसमें बताया गया कि संजय गांधी बिना तैयारी और सुरक्षा के उड़ान भरते हैं। उन्हें सुरक्षा के लिहाज से ऐसा नहीं करना चाहिए। जहीर ने लिखा था कि उड़ान भरने से पहले एयरपोर्ट्स को जानकारी मुहैया करानी चाहिए ताकि सुरक्षा के न्यूनतम प्रबंध किए जा सकें। खत में लिखी हुई उन बातों को जब संजय गांधी को बताया गया तो वो आगबबूला हो उठे। जहीर को उनके खत का खामियाजा भी उठाना पड़ा। उन्हें अपमानजनक तरीके से डीजी सिविल एविएशन के पद से हटा दिया गया।

किताब के मुताबिक संजय गांधी पर सनक सवार रहती थी। उनके मूड को भांप पाना बेहद ही मुश्किल था। वो तमाम ऐसे फैसले कर लेते थे। जिससे अधिकारी भी अंजान रहते थे। इसके उलटे राजीव गांधी दयालू थे। वो लोगों की परेशानियों को समझते थे। लेकिन वो राजनीति के तिकड़मों से पूरी तरह अंजान थे।

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