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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हां, हम हैं बांग्लादेशी

By Bhupendra SinghEdited By:
Updated: Sun, 14 Dec 2014 12:45 AM (IST)

धर्मातरण को लेकर चल रहे बवाल के बीच शनिवार रात एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ। वेद नगर बस्ती में रहने वाले तीन लोगों ने एक समाचार चैनल से कबूला है कि वे बांग्लादेश के रहने वाले हैं और पिता के साथ कोलकाता आए थे।

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जागरण संवाददाता, आगरा। धर्मातरण को लेकर चल रहे बवाल के बीच शनिवार रात एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ। वेद नगर बस्ती में रहने वाले तीन लोगों ने एक समाचार चैनल से कबूला है कि वे बांग्लादेश के रहने वाले हैं और पिता के साथ कोलकाता आए थे। इस सूचना के फैलने पर पुलिस व प्रशासन सक्रिय हो गया।

12 सालों से कबाड़ का धंधा करने वालों के कोलकाता का होने पर दैनिक जागरण ने शक जताया था। कोलकाता के बारे में पूछताछ में ये लोग कुछ भी नहीं बता पाए थे। जिसके बाद इनके बांग्लादेशी होने का शक जाहिर किया गया था। शनिवार शाम एक न्यूज चैनल को दिए गए साक्षात्कार में रहमान, मसूद और मिट्ठू ने बताया कि उनके पिता बांग्लादेश के मीठापुर के रहने वाले थे। कई साल पहले वह लोग रोजी-रोटी की तलाश में कोलकाता आए और वहां बस गए। पिता की मौत के बाद करीब बारह साल पहले वे आगरा आ गए। इसके बाद यहां भी कबाड़ का धंधा शुरू कर दिया। उल्लेखनीय है कि दो परिवारों के पूर्व में ही म्यांमार के होने की पुष्टि हो चुकी है।