विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मसर्रत पर महाभारत, पीएम बोले- ऐसी कोई हरकत बर्दाश्त नहीं

By Tilak RajEdited By:
Updated: Mon, 09 Mar 2015 01:28 PM (IST)

अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई के मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने लोकसभा में मसर्रत का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा। पहले तो सरकार ने गृहमंत्री से काम चलाने की कोशिश की। लेकिन विपक्ष पीएम के बयान के

News Article Hero Image

नई दिल्ली। अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई के मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने लोकसभा में मसर्रत का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा। पहले तो सरकार ने गृहमंत्री से काम चलाने की कोशिश की। लेकिन विपक्ष पीएम के बयान के लिए अड़ा रहा। विपक्ष की मांग पर पीएम ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि भाजपा जम्मू में सरकार में हिस्सेदार है, उसकी आलोचना का पूरा हक विपक्ष को है। लेकिन सरकार आपको आश्वस्त करना चाहती है कि ऐसी किसी भी हरकत को स्वीकार नहीं करती है। हमेशा संविधान की मर्यादाओं में कदम उठाए जाते रहे हैं। अब भी उठाए जा रहे हैं और आगे भी उठाए जाते रहेंगे।

पीएम ने कहा कि ये आक्रोश किसी एक दल का नहीं है। यह आक्रोश पूरे देश का है और देश की एकता-अखंडता के लिए जो भी आवश्यक होगा, उस पर सरकार पीछे नहीं हटेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार के निर्णय के बारे में भारत सरकार को कोई जानकारी नहीं थी। अलगाववादी समर्थकों को हम हमारा आक्रोश अभिव्यक्त करते हैं।जम्मू-कश्मीर सरकार ने केन्द्र से कोई सलाह नहीं ली थी। उन्होंने कहा कि कुछ बातों पर हमने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद उसे सदन के पटल पर रखा जाएगा।

गृहमंत्री ने कहा कि हम राजनीति सरकार नहीं देश बनाने के लिए करते हैं। मसर्रत अालम की रिहाई के बारे में जैसे ही सरकार को जानकारी हुई। सरकार ने तुरंत उसकी रिपोर्ट मंगवाई। रिपोर्ट के मुताबिक 1995 से अब तक उसके ऊपर कुल 27 मामले दर्ज हैं। उसे 2010 में गिरफ्तार किया गया था।

उधर, राज्यसभा में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि हम राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। लेकिन विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा और हंगामा बंद नहीं हुआ। लिहाजा, राज्यसभा को स्थगित करना पड़ा। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भाजपा की गठबंधन वाली सरकार है। ऐसे में केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना ही होगा।' केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने बताया कि मसर्रत आलम के मुद्दे पर सकरार अपना पक्ष जरूर रखेगी। सरकार की ओर से गृह मंत्री राजनाथ सिंह पक्ष रखेंगे।

इसे भी पढ़ें- मसर्रत पर बिगड़ा कश्मीर का आलम

पिछले सप्ताह राज्यसभा में एकजुटता की शक्ति का अहसास करा चुका विपक्ष कितना उत्साहित है, इसका नजारा विभिन्न विधेयकों पर चर्चा के दौरान भी दिख चुका है। मसर्रत के मामले में विपक्ष का उत्साह थोड़ा और ज्यादा है, क्योंकि कांग्रेस को भरोसा है कि इस मुद्दे पर राजग सहयोगी शिवसेना भी विपक्ष के साथ खड़ी दिखेगी।

बता दें कि पिछले सप्ताह भी सरकार को मुफ्ती के उस बयान पर सफाई देनी पड़ी थी जिसमें उन्होंने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पाकिस्तान और हुर्रियत को श्रेय दिया था।

इसे भी पढ़ें: एक तीर से दो शिकार करने का प्रयास है मसर्रत की रिहाई