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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानिए, उत्तर पूर्व के राज्यों में क्यों खपाए जा रहे हैं 500-1000 के पुराने नोट

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Thu, 24 Nov 2016 11:38 AM (IST)

नोटबंदी के फैसले के बाद पुराने नोट बदले जा रहे हैं। लेकिन काले धन के कुबेर अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए पूर्वोत्तर के राज्यों की तरफ रुख कर रहे हैं।

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नई दिल्ली(जेएनएन)। 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 के नोटों पर पाबंदी लगने के बाद काली कमाई करने वालों में हड़कंप है। सरकार के फैसले के बाद अब तक करीब 6 लाख करोड़ सरकारी खजाने में जमा हो चुका है। इसके अलावा अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि 31 दिसंबर तक सरकारी खजाने में करीब 13 लाख करोड़ जमा हो जाएंगे। लेकिन इन सबके बीच काली कमाई करने वाले पुराने नोटों को सफेद करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं।

एक जानकारी के मुताबिक काले धन के कुबेर पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ रुख कर रहे हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों सिक्किम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और मणिपुर में पुराने नोटों की अावक बढ़ी है। कुछ दिनों पहले एक शख्स करीब 3.5 करोड़ की रकम के साथ दीमापुर में एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुआ था। आइए आप को बताने की कोशिश करते हैं कि पूर्वोत्तर राज्य क्यों इन काली कमाई को सफेद करने के लिए बेहतरीन जगह बने हुए हैं।

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नियमों की आड़ में काले धन वालों की चांदी

-पूर्वोत्तर राज्यों में अलग अलग समूहों के लिए या लोगों को आयकर विभाग की तरफ से छूट मिली हुई है।

-नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर और मिजोरम के आदिवासी समुदायों को आयकर नियमों में विशेष राहत है।

- जिन लोगों को सिक्कमी श्रेणी में रखा गया है, उन्हें भी खास छूट हासिल है।

पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ काले धन का रुख

हरियाणा से नागालैंड सामान्य तौर पर लोग नहीं जाना चाहते हैं। लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद नजारा बदल गया है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब हरियाणा से भारी मात्रा में पुराने नोट नागालैंड भेजे गए हैं। दरअसल पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए आयकर विभाग की तरफ से कई तरह की छूट मिली है। उदाहरण के तौर पर इन राज्यों का कोई भी मूल शख्स अगर डिविडेंड या सरकारी प्रतिभूतियों के जरिए कमाई करता है तो उसे आयकर नहीं देना होगा। लेकिन इसी छूट का अब काले धन के कुबेर 500-1000 के पुराने नोटों को सफेद बनाने में जुट गए हैं।

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इन इलाकों की तरफ काले कुबेरों का ध्यान

असम के नॉर्थ कछार हिल्स, मिकिर हिल्स मिजोरम में गारो, खासी जयंतिया हिल्स और जम्मू-कश्मीर में लद्दाख इलाके में लोगों को आयकर अदा करने से छूट हासिल है। इसके अलावा इन इलाकों में कृषि से होने वाली कमाई पर भी कुछ खास छूट हासिल है।

सांसद का दामाद हेराफेरी में शामिल

दीमापुर में चार्टर्ड फ्लाइट से गायब 3.5 करोड़ की रकम की बरामदगी हो गई। नागालैैंड पुलिस का कहना है कि बुधवार को सीआईएसएफ ने इस रकम को बरामद किया था जिसे बाद में आयकर विभाग के हवाले कर दिया गया। बाद में इस रकम को नगा व्यापारी अंटाओ झिमोमी को आयकर छूट की वजह से वापस कर दी गई।अंटाओ झिमोमी नागालैंड से एकमात्र सांसद नेफियो रियो के दामाद हैं। खास बात ये है कि रियो केंद्र में भाजपा सरकार को समर्थन दे रहे हैं।

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आयकर विभाग की जांच में ये बात सामने आयी है कि गुड़गांव के एक व्यापारी ने अंटाओ झिमोमी से संपर्क किया था। झिमोमी वही शख्स हैं जिन्होंने 3.5 करोड़ की रकम पर अपना दावा पेश किया था। हिसार एयरपोर्ट से 500 और एक हजार के पुराने नोटों में करीब 11 करोड़ की रकम दीमापुर ले गए थे। 11 करोड़ की रकम को अंटाओ झिमोमी के खाते में जमा कराया गया था।अंटाओ को फिलहाल गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि आरटीजीएस के जरिए वो उस व्यापारी के खाते में रकम को ट्रांस्फर करने वाले थे।

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