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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

योग दिवस पर विशेष: योग की बढ़ती वैश्विक प्रासंगिकता

By kishor joshiEdited By:
Updated: Tue, 14 Jun 2016 04:01 PM (IST)

भारत की पहल का ही परिणाम था कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र ने सर्वसम्मति से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी

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नई दिल्ली (जेएनएन)। योग को प्राचीन भारत की कला माना जाता है। लेकिन अब वास्तव में योग एक सार्वभौमिक घटना बन गई है। भारत की पहल का ही परिणाम था, जो पिछले साल संयुक्त राष्ट्र ने सर्वसम्मति से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक इस प्रस्ताव को 75 दिन के रिकार्ड समय के भीतर पारित किया गया था और जिसमें 177 देशों ने हिस्सा लिया था। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग की बढ़ती प्रासंगिकता का सबूत है। और हो भी क्यो ना क्योंकि तनाव का स्तर, हिंसा, दबाव, तेजी से व्यक्तियों के बीच मानसिक और शारीरिक थकावट आदि के क्षेत्र में योग अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सेहत बनाता और तनाव दूर करता योग

अगर आप रोजाना योग करते हैं तो आपके चेहरे पर अद्धभुत प्राकृतिक चमक आती है। अनुभवी चिकित्सकों की मानें तो योग के माध्यम से शरीर में लचीलापन आता है और त्वचा स्वस्थ रहती है। पहले के दिनों में, तनाव वयस्कों की बात हुआ करता था। थकाऊ पेशेवर कार्यक्रम के कारण अक्सर वयस्कों के निजी जीवन में तनाव हो जाता है। लेकिन हाल के दिनों में तनाव तेजी से बच्चों के जीवन अपनी पैठ बनाता जा रहा है। बच्चे आजकल आउटडूर खेलों से दूर होते जा रहे हैं। स्कूल में पढ़ाई का दबाव , ट्यूशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण बच्चों में तनाव बढ़ता जा रहा है। योग व्यक्ति के आत्म-स्वास्थ्य, विश्राम और मन की पूर्ति के लिए बहुत फायदेमंद है। योग के माध्यम से बच्चों में तनाव की स्थिति को दूर कर उनमें आने वाले जीवन को लेकर साकारात्मक उर्जा का और अधिक संचार करने की शक्ति है।

जिम से फायदेमंद है योग

अकसर लोग योग की तुलन जिम के साथ करते हैं। लेकिन यह तुलना बिल्कुल गलत है योग शारीरिक व्यायाम से कहीं अधिक है। यह सबको एक साथ जोड़ने की कला है। यह मन और आत्मा की शांति के साथ-साथ शरीर को फिट बनाता है। जिम केवल शरीर की संरचना में सुधार लाने पर केंद्रित है जबकि योग इसके अलावा बुहत कुछ है।

अनिंद्रा की बीमारी में मददगार है योग

नींद आने में कठिनाइया अकसर पुराने लोगों प्रभावित करती है। जैसे - जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, नींद का होमियोस्टैटिक विनियमन बदल जाता है, जिससे नींद में उथले पुथल शुरू हो जाती है। जिसके बाद डॉक्टर ऐसे लोगों को स्लीपिंग एड्स देने की सलाह देते हैं जिससे नींद आने में फायदा मिल सकें। लेकिन इस तरह की दवाइयां व्यक्ति की उम्र घटाने का काम करती हैं। इस तरह की बीमारियों से योग के माध्यम से आसानी से छुटकारा मिल जाता है।

दफ्तर जाने वाले के लिए फायदेमंद है योग

दफ्तर में लंबे समय तक काम करने के बाद आप बोझिल और गतिहीन हो जाते हैं। इससे भी खराब स्थिति, है कि डेस्क पर लंबे समय तक काम करने से आपकी गर्दन, कंधे और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है। जिससे आपका स्वास्थ्य के साथ-साथ आपकी दिनचर्या भी प्रभावित होती है। आपके जहन में सवाल होगा कि कैसे आप इस परेशानी से बाहर आ सकते तो इसका सीधा उत्तर है योग। कुछ आसन ऐसे है जिन्हें दफ्तर में भी किया जा सकता है। जिन्हें करने मात्र से आप ऐसी परेशानियों से सदा के लिए दूर हो जाएंगे। काउ स्ट्रेच और टेम्पल रब ऐसे ही कुछ आसन है।