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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुस्लिमों के दबाव में मुकरे घर लौटे लोग: योगी

By Rajesh NiranjanEdited By:
Updated: Thu, 11 Dec 2014 07:57 AM (IST)

भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने आगरा में धर्मांतरण को लेकर मचे बवाल का ठीकरा वहां के मुसलमानों और प्रशासन के सिर फोड़ा है। कहा कि मुस्लिमों के दबाव में ही घर लौटे लोग मुकर गए हैं। हिंदू जागरण समिति की ओर से 25 दिसंबर को अलीगढ़ में होने जा रहे

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अलीगढ़, जागरण संवाददाता। भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने आगरा में धर्मांतरण को लेकर मचे बवाल का ठीकरा वहां के मुसलमानों और प्रशासन के सिर फोड़ा है। कहा कि मुस्लिमों के दबाव में ही घर लौटे लोग मुकर गए हैं। हिंदू जागरण समिति की ओर से 25 दिसंबर को अलीगढ़ में होने जा रहे धर्मांतरण कार्यक्रम में योगी ने बतौर मुख्य अतिथि आने की सहमति दे दी है। फोन पर योगी ने इसकी पुष्टि की। यह कार्यक्रम मथुरा रोड स्थित श्री महेश्वर इंटर कॉलेज में हो रहा है। फोन पर हुई बातचीत के पेश हैं मुख्य अंश...

अलीगढ़ में 25 दिसंबर को आ रहे हैं?

हां, मुझे आमंत्रण मिल चुका है। मैंने आने की सहमति भी जता दी है।

अलीगढ़ को ही क्यों चुना, कार्यक्रम तो कई जगह हैं?

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आजादी के बाद भी तेजी से धर्म परिवर्तन हुआ है। सर्वाधिक एटा में। फिर, अलीगढ़ व आगरा में। इसी कारण अलीगढ़ में कार्यक्रम रखा है।

आगरा में घर लौटे मुस्लिम परिवार मुकर गए? जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे?

प्रशासन और कुछ मुस्लिमों के दबाव में लोग ऐसा बोल रहे हैं। वे स्वेच्छा से आए थे। मुसलमानों ने उन्हें धमकी देनी शुरू कर दी। ...आप जानते ही हैं कि प्रशासन किसके इशारे पर काम कर रहा है?

धर्मांतरण को सही मानते हैं?

ये तो घर वापसी कर रहे हैं। इसमें कौन-सी बात गलत है? मेरा मानना है कि जो बिना लोभ, लालच और दबाव के अपने ङ्क्षहदू धर्म में वापस आना चाहता है, उसमें कोई बुराई नहीं है।

आगरा में बवाल को लेकर अलीगढ़ प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति अभी नहीं दी है। इसे रोका गया तो?

रोक लगाई जाती है तो यह राष्ट्र विरोधी बात होगी। जो लोग पहले धर्म परिवर्तन करके ईसाई या मुस्लिम बने थे, उन्हें वास्तविकता का पता चल चुका है। वे सामाजिक उपेक्षा का शिकार हैं। इसी कारण स्वेच्छा से घर वापसी कर रहे हैं।

फिर धर्मांतरण न करें, उसके लिए क्या करेंगे?

स्वावलंबी बनाएंगे। आर्थिक रूप से स्थिति सुधर सके। ङ्क्षहदू समाज में शादी भी कराई जाएगी, ताकि वे खुद को अलग-थलग न समझें।

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जबरन धर्मातरण न होता तो इस्लाम न होताः तसलीमा