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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाकिर नाइक की संस्था का एफसीआरए लाइसेंस हो सकता है रद्द

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Fri, 15 Jul 2016 10:09 PM (IST)

गृहमंत्रालय की शुरूआती जांच में संस्था को मिले विदेशी अनुदान के उपयोग में गड़बड़ी के सबूत मिले हैं, जो एफसीआरए के नियमों के खिलाफ है।

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नीलू रंजन, नई दिल्ली। आतंकवाद को बढ़ावा देने के विवादों में घिरे मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन का एफसीआरए लाइसेंस छिन सकता है। गृहमंत्रालय की शुरूआती जांच में संस्था को मिले विदेशी अनुदान के उपयोग में गड़बड़ी के सबूत मिले हैं, जो एफसीआरए के नियमों के खिलाफ है।

लेकिन किसी भी कार्रवाई के पहले गृहमंत्रालय नाइक के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा लेना चाहता है। इसके लिए आयकर विभाग की मदद भी ली जा रही है। गृहमंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार शुरूआती जांच में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को मिले विदेशी चंदे के उपयोग में गड़बड़ी के सबूत मिले हैं। इनमें से बड़ा हिस्सा पीस टीवी के खाते में स्थानांतरित किया गया है। एफसीआरए के नियमों के मुताबिक विदेशी चंदे का इस्तेमाल केवल उसी काम के लिए किया जा सकता है, जिसके लिए वह दिया गया है।

जाकिर नाइक और इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के लिए गृहमंत्रालय ने आयकर विभाग की मदद मांगी है। आयकर विभाग को जुड़ी कंपनियों का 10 साल का आयकर रिटर्न की पूरी जानकारी देने को कहा गया है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक जाकिर नाइक की संस्था को करीब 80 लाख पाउंड का चंदा मिला है। इसमें से भी एक बड़ा हिस्सा पीस टीवी के खाते में ट्रांसफर किया गया है। एक बार पुख्ता सबूत जुटाने के बाद जाकिर नाइक से इस बारे में जबाव-तलब किया जाएगा। यदि नाइक फंड के उपयोग पर संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाते हैं, तो उनकी संस्था को मिला एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। पिछले दिनों गृहमंत्रालय फंड के दुरुपयोग के आरोप में तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ को मिला एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर चुका है।

एजेंसियों के तीखे सवालों का सामना करने के अंदेशे को देखते हुए जाकिर नाइक भारत आने से कतरा रहे हैं। गौरतलब है कि हाल में ढाका में हुए आतंकी हमले में शामिल एक आतंकी के जाकिर नाइक के भाषणों के प्रभावित होने के खुलासे के बाद उनके खिलाफ शिकंजा कसना शुरू हो गया है। बांग्लादेश जाकिर नाइक के पीस टीवी का प्रसारण प्रतिबंधित कर चुका है। वहीं भारत सरकार ने भी केबल ऑपरेटरों से जाकिर नाइक के चैनल पीस टीवी का प्रसारण रोकने का सख्त निर्देश दे दिया है।

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