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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाकिर नाइक के एनजीओ ने आईएसआईएस आतंकी को दी 'स्कॉलरशिप'

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Wed, 23 Nov 2016 06:36 AM (IST)

एनआईए के मुताबिक आईआरएफ ने अक्टूबर 2015 में आईएस आतंकी अबू अनस को बतौर छात्रवृत्ति 80 हजार रुपये दिए थे।

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नई दिल्ली, जेएनएन। विवादित मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को लेकर नई बात सामने आई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के मुताबिक आईआरएफ ने अक्टूबर 2015 में आईएस आतंकी अबू अनस को बतौर 'स्कॉलरशिप' 80 हजार रुपये दिए थे।

राजस्थान के टोंक का रहने वाला अनस हैदराबाद की एक कंपनी में इंजीनियर था। एनआईए ने उसे गणतंत्र दिवस के मौके पर आतंकी हमले की योजना बनाने के आरोप में जनवरी में गिरफ्तार किया था। एनआईए का दावा है कि आईआरएफ ने अनस को 80 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी थी। अनस ने सीरिया जाने की योजना भी बनाई थी। फिलहाल वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में है।

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दूसरी ओर, आईआरएफ के खिलाफ जांच कर रही एनआईए ने 19 नवंबर से अब तक मुंबई में संस्था और इसके ट्रस्टियों से जुड़े करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की है। छापे के दौरान जाकिर के भाषणों के वीडियो टेप व डीवीडी, संपत्ति, निवेश, वित्तीय लेनदेन, विदेशी व घरेलू फंडिंग से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। फंडिंग से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

केंद्र सरकार ने हाल ही में गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) कानून के तहत कार्रवाई करते हुए आईआरएफ को प्रतिबंधित किया है। एनआईए ने आईआरएफ की वेबसाइट को भी ब्लॉक कर दिया है। जाकिर के फेसबुक पेज, ट्विटर अकाउंट और यूट्यूब वीडियो को भी ब्लॉक करने का प्रयास किया जा रहा है।

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एनआईए ने जाकिर को समन भी भेजा है। अगर वह इसका जवाब देने में असफल रहा तो उसके खिलाफ इंटरपोल के मार्फत रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाएगा।