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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    एक साल से ISIS के बंदी रहे दो भारतीय प्रोफेसरों को छुड़ाया गया

    By Atul GuptaEdited By:
    Updated: Sat, 24 Sep 2016 04:03 PM (IST)

    15 सितंबर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इन दोनों की रिहाई की घोषणा की थी। गोपीकृष्ण आध्र प्रदेश के रहने वाले वहीं बलराम तेलंगाना के रहने वा ...और पढ़ें

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    हैदराबाद,आइएएनएस। करीब एक साल तक आतंकी संगठन आइएस के कब्जे में रहे दो भारतीय प्रोफेसरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। टी गोपीकृष्ण और सी बलराम कृष्ण आज सुबह दिल्ली पहुंचे। दोनों प्रोफेसर यूनिवर्सिटी ऑफ सिर्ट में पढ़ाते थे और पिछले साल 29 जुलाई को भारत लौटने के दौरान आइएस के आतंकियों ने उन्हें बंधक बना लिया था।

    भारत पहुंचने के बाद दोनों प्रोफेसरों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा कि वो अपने परिवार से मिलकर बहुत खुश हैं। उन्होंने लीबियन आर्मी और भारतीय विदेश मंत्रालय की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें उनके परिवार से मिलाने के लिए शुक्रिया अदा किया। 414 दिनों तक आइएस के कैद में उन्होंने कैसे दिन बिताए, उन्हें किन-किन तकलीफों का सामना करना पड़ा, उन्हें कैसे छुड़ाया गया जैसे सवाल जब उनसे पूछे गए तो उन्होंने इन सवालों का जवाब देने से ये कहकर मना कर दिया कि विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को वो पूरी जानकारी दे चुके हैं।

    गौरतलब है कि 15 सितंबर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इन दोनों की रिहाई की घोषणा की थी। गोपीकृष्ण आध्र प्रदेश के रहने वाले वहीं बलराम तेलंगाना के रहने वाले हैं।

    आपको बता दें कि इनके साथ दो और भारतीयों का उसी दिन आइएस ने बंदी बनाया था जिन्हें अगले कुछ दिनों में छुड़ा लिया जाएगा और फिर उन्हें भी भारत लाया जाएगा।

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