यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आखिर क्यों यहां एक ही जैसी पोशाक में दिखते हैं सभी युवा
बांसवाड़ा जिले के आदिवासी युवाओं में ऐसा चलन है। ये युवक-युवतियां होली पर्व पर खेले जाने वाले परंपरागत नृत्य गेर में शामिल होने के लिए एक जैसे कपड़े पहनते हैं।

वैसे तो स्कूल में छात्र-छात्रों का एक जैसी पोशाक पहनना या कोई डांस परफॉर्म करते समय एक जैसा डे्रसअप तो सामान्य सी बात है। लेकिन क्या कभी गांव के युवक-युवतियों को एक ही जैसे कपड़े पहने घूमते हुए देखा है।
जी हां, बांसवाड़ा जिले के आदिवासी युवाओं में ऐसा चलन है। ये युवक-युवतियां होली पर्व पर खेले जाने वाले परंपरागत नृत्य गेर में शामिल होने के लिए एक जैसे कपड़े पहनते हैं। इतना ही नहीं ये इन कपड़ों को पहनकर बाजार भी जाते हैं।

इन युवक-युवतियों के एक जैसे कपड़े पहनने को लेकर कोई परंपरा व रिवाज नहीं बल्कि एकता का प्रतीक है। युवक-युवतियों में यह चलन पिछले कुछ वर्षों से ही पनपा है। युवक-युवती एक जैसी पोशाक इसलिए पहनते हैं ताकि वह एक जैसे दिखें।

