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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एक मंदिर का रहस्य, अगर इसका सातवां दरवाजा खुला तो आ जाएगी प्रलय!

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Mon, 19 Sep 2016 06:46 PM (IST)

देश और दुनिया रहस्यों से भरी पड़ी है ऐसा ही एक रहस्य हमारे देश में भी है जो आज तक कोई सुलझा नहीं पाया है। एक मंदिर का रहस्य...जिसके बारे में कहा जाता है कि अगर इसका सातवें नंबर का दरवाजा खुला तो प्रलय आ सकती है।

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हम दुनिया की कई रहस्यमयी कहानियों की चर्चा आज भी करते हैं। इसी में एक है केरल राज्य के तिरुवनन्तपुरम में स्थापित मंदिर की कहानी। इसे पद्मनाभस्वामी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर भगवान विष्णु को पूर्णरूप से समर्पित किया गया है।

भगवान विष्णु की प्रतिमा इस मंदिर के गर्भगृह में स्थापित की गई है। भगवान विष्णु शेषनाग के ऊपर शयन अवस्था में विराजमान है। इस मंदिर की दिलचस्प बात यह है कि इस मंदिर से जुड़े अनेक रहस्य है। यह दुनिया का सबसे धनी मंदिर भी माना जाता है। इस मंदिर की कुल संपत्ति लगभग 1,32,000 करोड़ है।

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इस मंदिर की सबसे रहस्यमय चीज यहां का सातवा दरवाजा है, जिसको खोलने और ना खोलने पर विचार-विमर्श हो रहा है। यह मंदिर का सातवां दरवाज़ा इसलिए रहस्यमय बना हुआ है, क्योंकि मान्यताओं के अनुसार इसके खुलने पर प्रलय आने की बात कही जाती है।

इस सातवें द्वार पर किसी तरह की कुंडी या नट वोल्ट नहीं लगा है। इस दरवाजे पर सिर्फ दो सांपों का प्रतिबिंब बना हुआ है, जिसको इस द्वार का रक्षक बताया जाता है। यही दोनों सर्प इस द्वारा पर पहरा देते हैं और रक्षा करते हैं।

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इस द्वार की विशेषता यह है कि यह द्वार सिर्फ मंत्रोच्चारण से खुल सकता है। उसके अलावा इसको खोलने का और कोई रास्ता नहीं है। इस द्वार को खोलने के लिए ‘गरुड़ मंत्र’ का प्रयोग स्पष्ट व साफ शब्दों में किसी सिद्ध पुरूष के माध्यम से कराना होगा। मंत्रोच्चारण साफ और स्पष्ट न होने पर उस पुरुष की मृत्यु भी हो सकती है।

त्रावणकोर राजपरिवार के मुखिया तिरुनल मार्तंड वर्मा ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए गए साक्षात्कार में कहा है कि उनका पूरा जीवन इस मंदिर की देखभाल में बीता है। साथ ही सातवें द्वार को खोले जाने पर देश में प्रलय आ सकती है, इसलिए इस द्वार को ना खोलें। इसका रहस्य ही बना रहने देना सही है।

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