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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यहां जो इस दर्द को बर्दाश्त कर लेता है वही व्यस्क माना जाता है

By Preeti jhaEdited By:
Updated: Thu, 22 Dec 2016 04:07 PM (IST)

जो इस दर्द को बर्दाश्त कर लेता वह व्यस्क माना जाता है। यदि वो इस बीच रो देता है तो तो उसे व्यस्क होने की मान्यता नहीं मिलती है।

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हमारे देश में बच्चे के जन्म से लेकर जवान होने तक उसे कई विभिन्न सस्कारों से होकर गुजरना पड़ता है, जिसमें बच्चों को उनके आचरण और संस्कारों से अवगत कराने के लिए शिक्षा दी जाती है, पर एक देश में बच्चे को जवान होने तक कई विभिन्न प्रकार की कठिन से कठिन परिक्षाएं देनी होती है, तब ही उसे व्यस्क समझा जाता है। आज हम उस देश के बारे में बता रहें हैं, जहां के लोगों को जवान कहलाएं जाने के लिए कई प्रकार की कठिन यातनाओं से होकर गुजरना पड़ता है। जानें उनकी इन परंपराओं के बारें में..

1. खतरनाक कीड़ों से खुद को कटवाना

सतेरे-मो नामक जनजाति में लोगों को अपने आपको जवान दिखाने के लिए ऐसी खतरनाक परिस्थियों से होकर गुजरना पड़ता है, जिसे सुनकरा आप भी हो जाएंगे हैरान। यहां के लोग एक अजीबोगरीब परंपरा को निभाते आ रहें हैं, जिसे पूरा करने के बाद ही व्यक्ति अपने आप को वयस्क कह सकता है। इस जनजाति के लोग व्यस्क होने वाले लड़के को खतरनाक कीड़े-मकोड़ों से बना एक प्रकार का दस्ताना पहनाते हैं। ये कीड़े शरीर में चिपकते ही काटने लगते है जिससे काफी दर्द होता है। यदि लड़का इस दस्ताने को पहनने के बाद कीड़े के काटने वाले दर्द को बर्दाश्त कर 10 मिनट तक पहना रहता है, तो वह व्यस्क माना जाता है। यदि वो इस बीच रो देता है तो तो उसे व्यस्क होने की मान्यता नहीं मिलती है।

2.चेहरे पर कई टैटू बनवाना

फुलानी जनजाति, यह जनजाति खासकर पश्चिमी अफ्रीका में पाई जाती है, जहां के लोग अपने आप को व्यस्क दिखामे के लिए टैटू को अपने शरीर पर गुदवाते है। माना जाता है कि ये प्रथा यहां की महिलाओं को लिए ही लागू होती है, जिन्हें अपने पूरे शरीर व चेहरे को टैटू बनवानी पड़ती है। तभी ये व्यस्क मानी जाती है।

3. दुश्मन की बलि चढ़ाना

यहां के जाति के लड़को को व्यस्क होते ही युद्ध कला में भेज दिया जाता था। यहां पर 17 वर्ष की आयु पार करते ही युद्ध क्षेत्र की कला को सिखाने से लिए युवाओं को भेज दिया जाता था और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन्हें किसी दुश्मन की बलि को चढ़ाना आवश्यक होता है। तभी इनका प्रशिक्षण पूरा माना जाता है।