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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मिलिए इस अनोखे बुजुर्ग से जो सर्दी में गर्मी और गर्मी में सर्दी महसूस करते हैं

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Wed, 10 Aug 2016 02:26 PM (IST)

सोच के देखिए भयंकर गर्मी पड़ रही हो और आपको रजाई या कंबल से ढक दिया जाए तो कैसा लगेगा।सोच रहे होगे क्या मजाक किया जा रहा है लेकिन एक शख्स ऐसा ही है जिसे सर्दी में गर्मी और गर्मी मे

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हमारे देश में एक बुजुर्ग हैं उनको सर्दी में तो गर्मी लगती है और गर्मी में इन्हें सर्दी का एहसास होता है। ऐसे बुजुर्ग का अजब है हाल और ये बात आपको बेहद हैरान कर रही होगी। कड़कड़ाती ठंड में जब लोगों की नहाने तक की हिम्मत नहीं होती, तब बुजुर्ग संतलाल बर्फ की सिल्ली पर सोते हैं और दिन में 3-4 बार नहाते हैं।


ठंड में ये बुजुर्ग अगर दिन में बर्फ न खा लें तो उनको चैन नहीं आता। संतलाल तब तक बर्फ पर लेटे रहते हैं, जब तक वह पिघल नहीं जाती। इसके उलट गर्मी में अगर रजाई और अलाव ना मिले तो बुजुर्ग को नींद नहीं आती और कंपकंपी चढ़ी रहती है। गर्मी में रजाई मिले तो ही रात को नींद आती है। इस तरह 60 साल के संत लाल का शरीर बचपन से ही मौसम के विपरीत चलता है।

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इनके इसी अलग अंदाज के कारण इलाके के लोग इस बुजुर्ग को ‘मौसम विभाग’ के नाम से पुकारते लगे हैं। संतलाल पिछले साठ साल में वे एक बार भी बीमार नहीं हुए। वे खाने में सादी दाल-रोटी ही खाते हैं। है। 21 साल की उम्र में उनकी शादी हुई और उनके चार लड़के है। मौसम के विपरीत शरीर की यह हलचल अब संतलाल के अलावा उसके परिजन को भी आम लगने लगी है।

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संतलाल का कहना है कि गर्मी में बहुत सर्दी लगती है। कंबल और रजाई ओढ़ कर बिस्तर में सोना पड़ता है। दिन में 10 बजने के बाद आग का सहारा लेना पड़ता है। वही, मई-जून में जब लोग लू से बचने के लिए एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल करते हैं तो उस वक्तसोने के लिए लू ही काम आती है।


डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि सर्दी और गर्मी का एहसास हमारे दिमाग में स्थित थर्मोरेगुलेटरी प्वाइंट से होता है। इस थर्मोरेगुलेटरी प्वाइंट को थैलेमस व हाईपो थैलेमस कंट्रोल करते है। इससे संबंधित कोई बीमारी होने पर ही मनुष्य को इस तरह का अहसास होता है। वैसे मैंने अपने जीवन में इस तरह का केस नहीं देखा है। मेडिकल कॉलेज स्तर पर यह एक शोध का विषय है।

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