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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस पत्थर को 7 हाथियों की शक्ति भी नहीं हिला पाई, वैज्ञानिकों के लिए है रहस्य

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Mon, 26 Sep 2016 04:06 PM (IST)

वैज्ञानिकों के लिए जो पत्थर रहस्य बना हुआ है उस पत्थर को सात हाथियों की शक्ति भी नहीं हिला पाई। ये पत्थर आज भी वहीं रखा हुआ है। इसको लेकर वैज्ञानिक भी असमंजस में है। जानिए इस पत्थर का रहस्य।

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दुनिया में एक से बढ़कर एक रहस्यमयी और चमत्कारी चीजें हैं, इनके रहस्यों को आज तक वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए हैं। एक ऐसा ही रहस्यमयी पत्थर भारत में मौजूद है। यह पत्थर करीब 1200 साल पुराना है। कहते हैं एक बार इस पत्थर को 7 हाथियों से खिंचवाया गया था, लेकिन ये हाथी इस पत्थर को एक इंच भी नहीं खिसका पाए।

यह पत्थर दक्षिण भारत के महाबलिपुरम में रखा हुआ है। इस पत्थर की ऊंचाई 20 फीट और चौड़ाई 5 फीट है, लेकिन ये पत्थर जिस तरह से अपनी जगह पर टिका है, वो इसे अनोखा बनाता है।

1908 में पहली बार ये पत्थर खबरों में आया था, जब वहां के गवर्नर ने इस पत्थर को अजीब तरह से खड़ा देखा। उन्हें लगा किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकता है। इस कारण उन्होंने करीब 7 हाथियों से इस पत्थर को खिंचवाया, लेकिन 7 हाथी भी मिलकर इस पत्थर को इंच भर भी नहीं हिला पाए।

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इस पत्थर के पीछे एक दंत कथा जुड़ी है कि ये पत्थर जमा हुआ मक्खन है, जो कृष्ण ने अपनी बाल अवस्था में यहां गिरा दिया था। तभी लोग इस पत्थर को ‘कृष्ण की मक्खन की गेंद’ के नाम से भी जानते हैं।

वैज्ञानिक भी अभी तक इस पत्थर के रहस्य को नहीं समझ पाए हैं। यहां तक कि वो ये भी नहीं जान पाए हैं कि ये पत्थर इंसान द्वारा खड़ा किया गया है या प्रकृति द्वारा।

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