यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यहां जीवनसाथी चुनने के लिए नृत्य कर महिलाओं को रिझाते हैं पुरुष
अफ्रीका में इस कबीले की महिलाओं को भी अपना जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है। समारोह के दौरान यहां शादीशुदा महिलाएं भी संबंध बनाने के लिए किसी भी पुरुष को चुन सकती है।

सिर्फ भारत में ही नही बल्कि दुनियाभर में कई तरह के त्योहार मनाये जाते हैं। अफ्रीका के चाड में वुडाबी कबीले के लोग प्रतिवर्ष एक खास समारोह का आयोजन करते हैं। इस समारोह में पुरुष अपना जीवनसाथी ढूंढने आते हैं। जिसके लिए वह काफी तैयारी करते हैं।
अफ्रीका में इस कबीले की महिलाओं को भी अपना जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है। समारोह के दौरान यहां शादीशुदा महिलाएं भी संबंध बनाने के लिए किसी भी पुरुष को चुन सकती है। इस समारोह की तैयारी सूर्य उदय के साथ ही शुरु हो जाती है। सुबह होते ही पुरुष सजना संवरना शुरु कर देते हैं।
इसके लिए वह अपने चेहरे पर एक पेस्ट लगाते हैं जोकि मिट्टी, पत्थर और जानवरों की हड्डियों से तैयार किया जाता है। नृत्य करते समय वह अपने आंखों को नचाते है और साफ दांतों का प्रदर्शन करके महिलाओं को रिझाते हैं। यहां के पुरुष एक खास किस्म की चाय पीते हैं। यह चाय पेड़ की छाल से तैयार की जाती है। इसे पीने से पुरुष लंबे समय तक नृत्य कर पाते हैं। वुडाबी जनजाति के लोग दूध, दही, मीठी चाय, मोटा अनाज और बकरी का मांस खाना पसंद करते हैं।
वुडाबी जनजाति को दुनिया की सबसे अंहकारी जनजाति कहा जाता है। साल में एक बार समारोह होने पर यहां के पुरुषों पर जीवनसाथी पाने का दबाव अधिक होता है। इसलिए ये बहुत सजते संवरते हैं। इस जनजाति की महिलाएं पुरुषों से कम मेकअप करती हैं लेकिन वह अपने रंगरूप का विशेष ध्यान रखती हैं।
