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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ये वो जगह हैं जहां परिवार वाले खुद ही शव को काट-काट कर गिद्धों को खिलाते हैं

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Fri, 17 Jun 2016 06:03 PM (IST)

आपको ये जानकर हैरानी जरूर होगी लेकिन ये हकीकत है कि इस दुनिया में ऐसी जगह है जहां पर परिवार वाले खुद ही शव के मांस को गिद्धों को खिला देते हैं।

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तिब्बत के लारूंग वैली में रहने वाले एक अजीबोगरीब प्रथा निभाते हैं। इस अनोखी प्रथा के अंतर्गत बौद्ध भिक्षु और नन किसी के मरने के बाद उसके शव को खुद काटकर गिद्धों को खिलाते हैं। खुले आसमान के नीचे निभाई जाने वाली यह प्रथा तिब्बत, किंगघई और मंगोलिया में बहुत सालों से चली आ रही है।

एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार, शव को गिद्धों को खिलाने के लिए काटते वक्त उनके रिश्तेदार भी मौजूद रहते हैं। शव को इस तरह काटकर गिद्धों को खिलाने के पीछे भिक्षुओं का मानना है कि इससे मृतक को जन्नत मिलती है।

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इस मान्यता को मानने वाले कहते हैं कि गिद्ध शरीर की आत्मा को जन्नत तक लेकर जाते हैं। और फिर वहां से उन्हें अगला जन्म मिलता है। तिब्बतियों की मान्यता है कि अगर कोई भी इस प्रथा को नहीं निभाता है, तो मृत शरीर की आत्मा को शांति नहीं मिलती है। इसके साथ ही उसकी आत्मा को जन्नत भी नसीब नहीं होती है।

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इस प्रथा को अंजाम देते समय कोई भी पर्यटक या अंजान व्यक्ति तिब्बितयों के पास नहीं जा सकता है। यही वजह है कि इसके बारे में लोगों के पास कुछ तस्वीरों और थोड़ी बहुत जानकारी के अलावा ज्यादा कुछ मौजूद नहीं है।

बताते चलें कि इस प्रथा को कई दशक बीत जाने के बाद अब चीनी सरकार लारूंग वैली में बने हजारों घरों को गिरवाने जा रही है। एक ऑर्डर के मुताबित चीनी सरकार यहां रहने वाले चालीस हजार से भी ज्यादा बौद्ध भिक्षुओं और ननों को पांच हजार तक सीमित करना चाह रही है।

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