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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खुले में शौच करने वालों सावधान..., देखते ही बज जाएगी सीटी

By Monika minalEdited By:
Updated: Wed, 16 Nov 2016 09:57 AM (IST)

खुले में जाते हैं शौच तो हो जाएं सावधान क्‍योंकि जलपाईगुड़ी में खुले आकाश के नीचे शौच करनेवालों को देखते ही स्कूली छात्र सीटी बजाकर शौच बंद करवा देंगे।

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जलपाईगुड़ी (जागरण संवाददाता)। निर्मल गांव बनाने के घर-घर शौचालय निर्माण समेत कई प्रकार से जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस क्रम में जलपाईगुड़ी में अनोखी पहल की जा रही है। सुबह खुले आकाश के नीचे शौच करने वालों के लिए मुसीबत आने वाली है। अगर कोई खुले आकाश के नीचे शौच करता है तो स्कूली छात्र सीटी बजाकर शौच बंद करवा देंगे। ये तो सामान्य बात है कि कोई शौच कर रहा हो और उसके सामने कोई छात्र आकर सीटी बजाए तो शौच करने वाले को लज्जित होंगे।

साथ ही आसपास के लोगों को भी सूचना मिल जाएगी कि कोई खुले आकाश के नीचे शौच कर रहा है। उक्त पहल जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है। जिला अधिकारी मुक्ता आर्य ने कहा कि आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से ही विशेष पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि विलेज हेल्थ सैनिटेशन एंड न्यूट्रेशन कमेटी गठित कर स्थानीय विद्यालय के छात्रों को टोपी व सीटी दी जाएगी। पूरे जिले में कुल 1386 कमेटी का गठन किया गया है। एक कमेटी को चार सीटी दिया गया है। छात्र लोग ही निर्मल बांग्ला की टोपी पहनकर खुले आकाश के नीचे शौच करने वालों के खिलाफ सीटी बजाने लगेंगे। जिले में अभी भी काफी लोग ऐसे हैं जो घर में शौचालय होने के बावजूद देहात लोगों की तरह सुबह खुले आकाश के नीचे शौच करते निकल जाते हैं। जिला अधिकारी मुक्ता आर्य ने कहा कि आगामी दिनों में स्वास्थ्य विकास को ध्यान में रखकर पूरे जिले में जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। 2017 तक जलपाईगुड़ी जिले को निर्मल जिला के तौर पर चिन्हित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मिशन निर्मल बांग्ला के तहत पूरे जिले में अब तक कुल 64273 शौचालय का निर्माण किया जा चुका है, जिसमें केवल 2016-17 के अंर्तगत 13913 शौचालय का निर्माण किया गया है। आगामी दिनों में कोई भी खुले आकाश के नीचे शौच न करे, इसी लक्ष्य से जिला प्रशासन की ओर विभिन्न जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

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